राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 4 मई 2026
मौसम ने अचानक करवट ले ली है। देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ 6 साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव हो गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले करीब 7 दिनों तक धूप, तेज हवाएं, बारिश और बिजली गिरने का मिला-जुला दौर देखने को मिल सकता है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में इसका असर अब साफ दिखने लगा है। कुछ दिन पहले तक जहां लोग भीषण गर्मी और लू से परेशान थे, वहीं अब मौसम में ठंडक और नमी बढ़ने लगी है। हालांकि यह बदलाव पूरी तरह राहत देने वाला नहीं है, क्योंकि इसके साथ खतरे भी जुड़े हुए हैं। साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानी हवा का घूमता हुआ दबाव क्षेत्र जब एक साथ कई जगहों पर बनता है, तो वातावरण अस्थिर हो जाता है। इसी कारण अचानक तेज हवाएं चलती हैं, बादल तेजी से घिरते हैं और थोड़े ही समय में बारिश शुरू हो जाती है। कई बार हालात तूफान जैसे भी बन सकते हैं।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बार-बार बदलता रहेगा। दिन में तेज धूप और उमस रहेगी, लेकिन शाम या रात में अचानक तेज बारिश और आंधी आ सकती है। कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। सबसे बड़ा खतरा आंधी और बिजली गिरने को लेकर है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खुले मैदान, खेतों या पेड़ों के नीचे खड़े रहना खतरनाक हो सकता है। इस दौरान बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ग्रामीण इलाकों में किसानों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
शहरी इलाकों में भी इसका असर कम नहीं होगा। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली के खंभे झुकने और ट्रैफिक बाधित होने की आशंका है। कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मौसम बदलाव का एक सकारात्मक पहलू भी है। लगातार बढ़ रही गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिलेगी। तापमान में गिरावट आएगी और लू का असर कम होगा। हालांकि, इसके साथ उमस बढ़ने की संभावना भी बनी रहेगी, जिससे असहजता बनी रह सकती है।
आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह “अनिश्चित” रहेगा। यानी कब धूप निकले और कब बारिश हो जाए, इसका सटीक अनुमान लगाना मुश्किल होगा। ऐसे में लोगों को घर से निकलते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। छाता या रेनकोट साथ रखना बेहतर रहेगा।
बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को खास ध्यान रखने की सलाह दी गई है। मौसम में तेजी से बदलाव के कारण सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि भीगने से बचें और खान-पान में संतुलन बनाए रखें।
अगले 7 दिन मौसम के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं। जहां एक ओर गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं, बारिश और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।




