टेक्नोलॉजी/ ऑटो/ अंतरराष्ट्रीय | लुबना आबिदी | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग/यूरोप | 2 मई 2026
चीन के ऑटो बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी BMW और Mercedes-Benz जैसी यूरोपीय लग्जरी कारों का जलवा हुआ करता था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। नई पीढ़ी के खरीदार अब सिर्फ ब्रांड नाम से प्रभावित नहीं हो रहे, बल्कि उनकी प्राथमिकता टेक्नोलॉजी और स्मार्ट फीचर्स बन गए हैं। ऑटो सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि आज के युवा ग्राहक कार को सिर्फ एक स्टेटस सिंबल नहीं मानते, बल्कि उसे एक “स्मार्ट डिवाइस” की तरह देखते हैं। उन्हें कार में एडवांस सॉफ्टवेयर, कनेक्टेड फीचर्स, ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम और डिजिटल एंटरटेनमेंट ज्यादा आकर्षित कर रहे हैं। यही वजह है कि पारंपरिक लग्जरी ब्रांड्स की पकड़ धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही है।
चीन की घरेलू ऑटो कंपनियां इस बदलाव को तेजी से भुना रही हैं। Xpeng, BYD और अन्य चीनी ब्रांड्स अब कारों को सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि “सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म” के रूप में पेश कर रहे हैं। वे सब्सक्रिप्शन मॉडल पर फीचर्स दे रहे हैं, जहां ग्राहक जरूरत के हिसाब से एडवांस ड्राइविंग, एंटरटेनमेंट और अन्य सुविधाएं जोड़ सकते हैं। इस नई सोच ने बाजार में उनकी पकड़ मजबूत कर दी है।
दूसरी तरफ यूरोपीय कंपनियां अब इस बदलती मांग के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश कर रही हैं। वे भी अपने मॉडल्स में ज्यादा डिजिटल फीचर्स और सॉफ्टवेयर अपडेट्स जोड़ रही हैं, लेकिन स्थानीय कंपनियों की तुलना में उनकी रफ्तार धीमी मानी जा रही है।
चीन का ऑटो बाजार दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है, और यहां होने वाला हर बदलाव वैश्विक कंपनियों के लिए बहुत मायने रखता है। अगर यूरोपीय ब्रांड्स ने जल्द ही अपनी रणनीति नहीं बदली, तो उन्हें इस अहम बाजार में और ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
स्पष्ट है कि अब कार की असली पहचान उसका लोगो नहीं, बल्कि उसके अंदर मौजूद तकनीक तय कर रही है। और इसी बदलते दौर में चीन की नई पीढ़ी ने ऑटो इंडस्ट्री के नियम ही बदल दिए हैं।




