बिजनेस | सुनील कुमार सिंह | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 मई 2026
देश में आम लोगों की जेब पर जल्द ही बड़ा असर पड़ सकता है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ने की तैयारी चल रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अगले 5 से 7 दिनों के भीतर इस पर फैसला लिया जा सकता है। अगर यह बढ़ोतरी लागू होती है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक इजाफा हो सकता है, जबकि घरेलू LPG सिलेंडर 40 से 50 रुपये तक महंगा हो सकता है।
बताया जा रहा है कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। अगर कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहता है, तो भारत के लिए लंबे समय तक कीमतों को नियंत्रित रखना मुश्किल हो सकता है।
पिछले करीब चार साल से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं की गई थी। सरकार ने अब तक वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद आम लोगों को राहत देने की कोशिश की थी, लेकिन अब तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। लागत बढ़ने के कारण कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसे संतुलित करने के लिए कीमतें बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
रसोई गैस के दाम बढ़ने का असर सीधे घर-घर तक पहुंचेगा। खासकर मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों के लिए यह बड़ा झटका हो सकता है, क्योंकि पहले से ही महंगाई का दबाव बना हुआ है। होटल, ढाबे और छोटे उद्योग भी इससे प्रभावित होंगे, जहां गैस का इस्तेमाल बड़े स्तर पर होता है।
सरकार फिलहाल पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है और अंतिम फैसला जल्द लिया जा सकता है। अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। आने वाले कुछ दिन आम लोगों के लिए बेहद अहम होंगे, क्योंकि इसी दौरान यह तय होगा कि महंगाई का अगला झटका कितना बड़ा होगा।




