राष्ट्रीय / राजनीति / असम | ABC NATIONAL NEWS | गुवाहाटी | 24 अप्रैल 2026
रिनिकी भुइयां पासपोर्ट विवाद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे उनके सामने कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। यह मामला असम से जुड़ा हुआ है और इसमें दस्तावेजों तथा पहचान से संबंधित गंभीर आरोप सामने आए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इस स्तर पर अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से जांच करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए और किसी भी तरह की राहत से जांच प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
बताया जा रहा है कि यह विवाद रिनिकी भुइयां नाम की महिला के पासपोर्ट और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है, जिसमें कथित रूप से गलत जानकारी या प्रक्रियागत गड़बड़ी की बात सामने आई है। इसी सिलसिले में पवन खेड़ा का नाम सामने आने के बाद उन्होंने अग्रिम जमानत की मांग की थी, ताकि गिरफ्तारी से बचा जा सके।
कांग्रेस की ओर से इस फैसले पर फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी के भीतर इसे राजनीतिक और कानूनी दोनों नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठा रहे हैं और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब जांच एजेंसियां और अधिक सक्रिय हो सकती हैं और जरूरत पड़ने पर पूछताछ या गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा काफी हद तक जांच पर निर्भर करेगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, जहां एक तरफ कानूनी प्रक्रिया चल रही है तो दूसरी तरफ इसे लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज होने की संभावना है।




