राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 24 अप्रैल 2026
आम आदमी पार्टी (AAP) में टूट के बाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटनाक्रम को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की रणनीति करार देते हुए आरोप लगाया कि एक बार फिर पंजाबियों के जनादेश को कमजोर करने की कोशिश की गई है। केजरीवाल ने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक दल पर हमला नहीं, बल्कि उस भरोसे पर चोट है जो पंजाब की जनता ने AAP को दिया था। केजरीवाल ने कहा कि पार्टी ने पंजाब में ईमानदार शासन देने की कोशिश की, लेकिन अब राजनीतिक दबाव और तोड़फोड़ के जरिए उस जनादेश को अस्थिर किया जा रहा है। उन्होंने बिना नाम लिए पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग व्यक्तिगत स्वार्थ में आकर जनता के विश्वास से समझौता कर रहे हैं। उनका कहना था कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर जवाब जरूर देगी।
इस सियासी घटनाक्रम का असर राज्यसभा के नंबर गेम पर भी साफ दिखाई दे रहा है। AAP की संख्या घटने से संसद के ऊपरी सदन में विपक्ष की ताकत कमजोर पड़ सकती है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिल सकता है। केजरीवाल ने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताते हुए कहा कि अगर चुनी हुई पार्टियों को इस तरह तोड़ा जाता रहा तो लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होंगे।
हालांकि इस पूरे मामले में भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हैं और इसे लोकतंत्र के खिलाफ कदम बता रहे हैं। वहीं AAP संगठन स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने और पार्टी को मजबूत करने की कोशिश में जुट गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम सिर्फ एक पार्टी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। अब देखना यह होगा कि AAP इस चुनौती से कैसे उबरती है और क्या यह सियासी टकराव आगे और तेज होता है।




