खेल/अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | जेद्दा/कराची | 23 अप्रैल 2026
मध्य-पूर्व का देश Saudi Arabia अब सिर्फ तेल और कारोबार तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि खेलों की दुनिया में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इसी कड़ी में अब एक नई पहल सामने आई है—सऊदी अरब के जेद्दा शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाने की योजना। इस परियोजना को लेकर Pakistan Cricket Board और सऊदी अधिकारियों के बीच शुरुआती बातचीत हो चुकी है, और माना जा रहा है कि जल्द ही इसे औपचारिक रूप दिया जा सकता है। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो यह सिर्फ एक स्टेडियम नहीं होगा, बल्कि क्रिकेट की दुनिया में एक नया केंद्र उभर सकता है।
दरअसल, पाकिस्तान लंबे समय से अपने क्रिकेट को नए बाजारों तक ले जाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में सऊदी अरब उसके लिए एक बड़ा और अहम विकल्प बनकर सामने आया है। यहां बड़ी संख्या में पाकिस्तान, भारत और दूसरे एशियाई देशों के लोग रहते हैं, जिन्हें क्रिकेट से खास लगाव है। यही वजह है कि अगर जेद्दा में स्टेडियम बनता है, तो वहां दर्शकों की कमी नहीं होगी। भविष्य में Pakistan Super League के मैच भी यहां कराए जा सकते हैं, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट को आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर फायदा मिल सकता है।
इस पूरी योजना के पीछे सऊदी अरब की बड़ी रणनीति भी छिपी है। क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman के नेतृत्व में देश खेलों में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। फुटबॉल से लेकर फॉर्मूला वन और गोल्फ तक, सऊदी अरब हर बड़े खेल को अपने यहां लाने की कोशिश कर रहा है। इसी वजह से दुनिया के बड़े खिलाड़ी जैसे Cristiano Ronaldo भी सऊदी लीग में खेलते नजर आए। अब क्रिकेट को भी उसी रणनीति का हिस्सा बनाया जा रहा है।
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यह कदम पाकिस्तान के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। एक तरफ उसे नया मैदान मिलेगा, जहां वह अंतरराष्ट्रीय मैच करा सकेगा, वहीं दूसरी तरफ बड़े स्पॉन्सर और निवेशक भी आकर्षित होंगे। इससे पाकिस्तान के क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूती मिलेगी। खास बात यह है कि इससे दोनों देशों के रिश्ते भी और मजबूत होंगे, क्योंकि खेल हमेशा से देशों के बीच रिश्ते सुधारने का जरिया रहा है।
सऊदी अरब में क्रिकेट कोई नई चीज नहीं है। यहां 1960 के दशक से क्रिकेट खेली जा रही है और समय के साथ इसका दायरा बढ़ता गया है। आज देश में सैकड़ों क्लब हैं और हजारों खिलाड़ी इस खेल से जुड़े हुए हैं। हालांकि अभी तक यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का बड़ा स्टेडियम नहीं था, जिसकी कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। यही कमी अब इस नए प्रोजेक्ट के जरिए पूरी करने की कोशिश हो रही है।
अगर हम खाड़ी देशों की बात करें, तो अभी तक United Arab Emirates क्रिकेट का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। दुबई, अबू धाबी और शारजाह जैसे शहरों में अंतरराष्ट्रीय मैच होते रहे हैं, और कई बड़े टूर्नामेंट भी वहां आयोजित किए गए हैं। लेकिन अब सऊदी अरब जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उससे यह साफ है कि वह आने वाले समय में क्रिकेट के नक्शे पर अपनी मजबूत जगह बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जेद्दा में प्रस्तावित यह क्रिकेट स्टेडियम सिर्फ एक खेल परियोजना नहीं, बल्कि एक बड़ी रणनीतिक और आर्थिक पहल है। पाकिस्तान के लिए यह नया अवसर है, जबकि सऊदी अरब के लिए यह दुनिया को यह दिखाने का एक और मौका है कि वह अब खेलों की वैश्विक ताकत बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।




