अंतरराष्ट्रीय/ व्यापार | ABC NATIONAL NEWS | कराची/तेहरान | 23 अप्रैल 2026
मध्य-पूर्व में जारी तनाव का असर अब आम लोगों की जेब तक पहुंच चुका है। Pakistan में इन दिनों एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है—लोग तेजी से Iran की कमजोर हो चुकी मुद्रा रियाल खरीद रहे हैं। सुनने में यह थोड़ा अजीब लगता है, क्योंकि जिस मुद्रा की कीमत लगातार गिर रही हो, उसमें निवेश करना आम तौर पर घाटे का सौदा माना जाता है। लेकिन कई लोग इसे एक मौके के रूप में देख रहे हैं।
कराची के कारोबारी नियाज़ अहमद जैसे लोग इस ट्रेंड का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने महज 40 हजार पाकिस्तानी रुपये में करोड़ों ईरानी रियाल खरीद लिए। उनका मानना है कि अगर भविष्य में हालात सुधरते हैं और रियाल की कीमत बढ़ती है, तो उन्हें बड़ा फायदा हो सकता है। इस तरह की सोच सोशल मीडिया और लोगों के बीच फैल रही चर्चाओं से और तेज हो गई है। कई लोग वीडियो देखकर और जान-पहचान वालों की सलाह पर बिना ज्यादा सोच-विचार किए इस निवेश में उतर रहे हैं।
असल में यह पूरा मामला युद्ध और अनिश्चितता से जुड़ा है। जब अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा, तो ईरानी अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ गया। रियाल की कीमत और नीचे चली गई। ऐसे में कुछ लोगों को लगा कि यह “सस्ता खरीदो, बाद में महंगा बेचो” वाला मौका है। लेकिन यह सोच जितनी आसान लगती है, असलियत उतनी ही पेचीदा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का निवेश बेहद जोखिम भरा है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि अगर रियाल और गिरता है, तो निवेश पूरी तरह डूब सकता है। इसके अलावा, ईरान पर पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हैं, जिससे वहां की मुद्रा का वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल सीमित है। यानी अगर आपके पास रियाल है भी, तो उसे आसानी से कहीं भी इस्तेमाल या एक्सचेंज करना आसान नहीं होगा।
एक और चिंता यह है कि यह निवेश किसी ठोस आर्थिक आधार पर नहीं, बल्कि उम्मीद और अफवाहों पर ज्यादा टिका हुआ है। लोग यह मानकर पैसा लगा रहे हैं कि हालात जल्दी सुधर जाएंगे, जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि युद्ध और राजनीतिक तनाव कब खत्म होगा, इसका कोई साफ अंदाजा नहीं है। ऐसे में यह निवेश जुआ जैसा बन जाता है, जहां फायदा भी बड़ा हो सकता है, लेकिन नुकसान उससे कहीं ज्यादा भारी पड़ सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि यह ट्रेंड धीरे-धीरे फैल रहा है और छोटे निवेशक भी इसमें शामिल हो रहे हैं। जिन लोगों के पास ज्यादा पैसा नहीं है, वे भी थोड़ी-थोड़ी रकम लगाकर बड़े मुनाफे की उम्मीद कर रहे हैं। लेकिन आर्थिक जानकार बार-बार चेतावनी दे रहे हैं कि बिना पूरी जानकारी के ऐसे फैसले लेना खतरनाक हो सकता है।
ईरानी मुद्रा में निवेश की यह लहर दिखाती है कि कैसे वैश्विक घटनाएं आम आदमी के फैसलों को प्रभावित करती हैं। जहां कुछ लोग इसे मौके के तौर पर देख रहे हैं, वहीं हकीकत यह है कि यह रास्ता काफी अनिश्चित और जोखिम भरा है। अब यह आने वाला समय ही बताएगा कि यह दांव लोगों को फायदा देगा या नुकसान।




