राष्ट्रीय/मणिपुर | विशेष संवाददाता | ABC NATIONAL NEWS | 8 जून 2026
मणिपुर में लंबे समय से जारी हिंसा और अस्थिरता के बीच केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने सुरक्षा बलों को स्पष्ट और कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि यदि कोई असामाजिक तत्व या उपद्रवी नागरिक क्षेत्रों में हथियार लेकर घूमता हुआ पाया जाता है तो उसे तत्काल निष्क्रिय (Neutralise) किया जाए। CRPF प्रमुख की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सुरक्षा एजेंसियां लगातार यह चिंता जता रही हैं कि राज्य में बड़ी संख्या में हथियार अब भी नागरिकों और विभिन्न सशस्त्र समूहों के पास मौजूद हैं, जिससे शांति बहाली की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
मणिपुर दौरे पर पहुंचे CRPF महानिदेशक ने शनिवार को राज्य में तैनात जवानों के साथ बातचीत के दौरान यह निर्देश दिया। जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के उच्चतम स्तर पर मणिपुर की स्थिति को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है और आने वाले एक से डेढ़ वर्ष में राज्य की स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की प्राथमिक जिम्मेदारी आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून-व्यवस्था को बहाल करना है। इसके लिए आवश्यक है कि नागरिक क्षेत्रों में हथियारों की खुली मौजूदगी को समाप्त किया जाए।
CRPF प्रमुख ने कहा कि मणिपुर में शांति स्थापना का सबसे बड़ा अवरोध आम लोगों के बीच हथियारों का प्रसार है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हिंसा के दौरान बड़ी संख्या में हथियार पुलिस थानों और अन्य सुरक्षा प्रतिष्ठानों से लूटे गए थे, जिनमें से कई अब भी बरामद नहीं हो सके हैं। यही हथियार विभिन्न समूहों और उपद्रवी तत्वों के हाथों में पहुंचकर कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं। उन्होंने जवानों से कहा कि किसी भी परिस्थिति में हथियारबंद तत्वों को खुली छूट नहीं दी जा सकती और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मणिपुर पिछले कई वर्षों से जातीय और सामुदायिक तनाव का सामना कर रहा है। समय-समय पर हिंसक घटनाओं, आगजनी, गोलीबारी और सुरक्षा बलों पर हमलों ने राज्य की स्थिति को जटिल बनाया है। केंद्र और राज्य सरकारें लगातार शांति स्थापित करने के प्रयास कर रही हैं, लेकिन हथियारों की उपलब्धता और विभिन्न समूहों के बीच अविश्वास अब भी प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में CRPF महानिदेशक का यह बयान सुरक्षा बलों के लिए एक स्पष्ट रणनीतिक संकेत माना जा रहा है कि राज्य में कानून का शासन स्थापित करने के लिए कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।
जी.पी. सिंह ने यह भी कहा कि मणिपुर में स्थायी शांति केवल सुरक्षा कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सामाजिक संवाद, विकास और विश्वास बहाली की प्रक्रिया भी समान रूप से आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सुरक्षा बलों, प्रशासन और स्थानीय समुदायों के सहयोग से आने वाले महीनों में राज्य में सकारात्मक बदलाव दिखाई देंगे। उनके अनुसार केंद्र सरकार मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि CRPF प्रमुख का यह बयान राज्य में चल रहे सुरक्षा अभियानों को और गति दे सकता है। सुरक्षा बल पहले से ही अवैध हथियारों की बरामदगी, संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और हिंसक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा रहे हैं। यदि हथियारबंद तत्वों के खिलाफ अभियान और तेज होता है तो इससे राज्य में हिंसा की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसके साथ ही मानवाधिकार और नागरिक सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखना आवश्यक होगा।
मणिपुर की स्थिति पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि अगले एक से डेढ़ वर्ष के भीतर राज्य में स्थिरता और सामान्य स्थिति लौटेगी। CRPF महानिदेशक का यह सख्त संदेश इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत कानून-व्यवस्था को मजबूत कर शांति और विकास का माहौल तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।




