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53 साल बाद चांद की ओर इंसानों की वापसी: NASA का Artemis-2 मिशन तैयार

विज्ञान/अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 30 मार्च 2026

चीन की बढ़ती चुनौती के बीच अंतरिक्ष में नेतृत्व कायम रखने की अमेरिकी कोशिश

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA एक ऐतिहासिक मिशन की तैयारी में जुटी है। एजेंसी 53 साल बाद पहली बार इंसानों को चांद की दिशा में भेजने जा रही है। यह मिशन Artemis II के तहत होगा, जिसे चंद्रमा पर मानव की स्थायी मौजूदगी की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

Artemis-2 एक टेस्ट फ्लाइट होगी, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद की परिक्रमा करेंगे, लेकिन इस बार लैंडिंग नहीं होगी। इस मिशन का मकसद आने वाले Artemis III के लिए तकनीक, सिस्टम और क्रू की तैयारियों को परखना है, जिसमें इंसानों को चांद की सतह पर उतारने की योजना है।

यह मिशन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि पिछली बार Apollo 17 के तहत 1972 में इंसानों ने चांद की यात्रा की थी। इसके बाद से अब तक कोई मानव मिशन चांद की ओर नहीं गया।

अमेरिका के लिए यह मिशन सिर्फ वैज्ञानिक उपलब्धि भर नहीं है, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है। अंतरिक्ष क्षेत्र में चीन तेजी से अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है और चंद्रमा को लेकर उसकी महत्वाकांक्षाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में Artemis कार्यक्रम के जरिए अमेरिका एक बार फिर अंतरिक्ष में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका स्थापित करना चाहता है।

NASA के अधिकारियों का मानना है कि यह मिशन भविष्य की “लूनर इकोनॉमी” की नींव रख सकता है, जहां चांद पर रिसर्च, संसाधनों के उपयोग और लंबे समय तक मानव की मौजूदगी संभव हो सकेगी।

कुल मिलाकर, Artemis-2 मिशन न केवल अंतरिक्ष विज्ञान के लिए एक बड़ा कदम है, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में अमेरिका के लिए अपनी तकनीकी बढ़त और प्रतिष्ठा बनाए रखने का भी अहम अवसर माना जा रहा है।

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