एबीसी नेशनल न्यूज | तेहरान | 1 मार्च 2026
ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत की आधिकारिक घोषणा के दौरान ईरानी सरकारी टीवी पर जो दृश्य सामने आया, उसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। न्यूज़ एंकर जब यह खबर पढ़ रहे थे, उनकी आवाज़ भर्रा गई। शब्द गले में अटक गए। कैमरे के सामने बैठा वह एंकर अचानक फफक पड़ा। कुछ पल के लिए स्टूडियो में सन्नाटा छा गया — जैसे पूरा देश उसी क्षण रो पड़ा हो।
यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इसे देखने वाले लोग कह रहे हैं कि यह सिर्फ एक खबर नहीं थी, बल्कि एक युग के अंत की घोषणा थी। किसी ऐसे नेता की मौत की खबर पढ़ना, जिसे करोड़ों लोग अपना मार्गदर्शक और राष्ट्रीय प्रतीक मानते रहे हों — कितना कठिन होता है, यह दृश्य उसी दर्द को बयान करता है।
ईरान सरकार ने खामेनेई के निधन के बाद 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और एक सप्ताह के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। राजधानी तेहरान की सड़कों पर काले झंडे लहरा रहे हैं। मस्जिदों में दुआएं हो रही हैं। लोग एक-दूसरे से गले मिलकर रो रहे हैं। मातमी जुलूस निकल रहे हैं और हर चेहरे पर गहरा ग़म दिखाई दे रहा है।
खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। लगभग 37 वर्षों तक उन्होंने देश की सर्वोच्च जिम्मेदारी संभाली। उनके समर्थकों के लिए वे सिर्फ एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक और साहस के प्रतीक थे। 86 वर्ष की उम्र में भी वे सक्रिय रहे और अपने समर्थकों के बीच मजबूत नेतृत्व की छवि बनाए रखी।
ईरान ही नहीं, दुनिया भर के शिया समुदायों में शोक की लहर है। कई लोग उन्हें अपने समय का सबसे प्रभावशाली धार्मिक और राजनीतिक नेता मानते थे। उनके जाने के बाद एक खालीपन महसूस किया जा रहा है, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं।
सरकारी प्रसारण में एंकर की टूटी हुई आवाज़ और बहते आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि कभी-कभी पत्रकार भी इंसान होते हैं — और जब इतिहास बदलता है, तो भावनाएं भी कैमरे के सामने आ जाती हैं। ईरान गहरे शोक में डूबा है। दुनिया की नजर इस बात पर है कि आगे क्या होगा। लेकिन आज, इस वक्त — पूरा देश बस अपने नेता को याद कर रहा है।




