राष्ट्रीय / शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 3 जून 2026
CBSE की विवादित ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठे सवाल अब संसद तक पहुंच गए हैं। झारखंड के 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने मंगलवार को संसद की स्थायी समिति के सामने प्रस्तुति देकर OSM प्रणाली की टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और तकनीकी खामियों को उजागर किया।
कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में सार्थक सिद्धांत को विशेष रूप से बुलाया गया था। बैठक का मुख्य विषय था – कक्षा 12 की CBSE परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली और छात्रों के सामने आई समस्याएं।
सार्थक ने समिति के समक्ष दावा किया कि OSM प्रणाली के टेंडर और क्रियान्वयन से जुड़े कई पहलुओं की गहन जांच की आवश्यकता है। उन्होंने तकनीकी गड़बड़ियों, मूल्यांकन में विसंगतियों और छात्रों को हुए नुकसान से जुड़े तथ्यों को दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया।
गौरतलब है कि कक्षा 12 के परिणाम घोषित होने के बाद CBSE की OSM प्रणाली लगातार विवादों में रही है। बड़ी संख्या में छात्रों ने अपेक्षा से कम अंक मिलने, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में त्रुटियों और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों की शिकायत की थी।
इस बीच CBSE ने संसदीय समिति के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि प्रणाली में सामने आई खामियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। बोर्ड ने भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने का आश्वासन भी दिया।
उल्लेखनीय है कि इसी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है तथा OSM सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए अलग समिति गठित करने की घोषणा की है।
शिक्षा जगत में यह मामला अब केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता का बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक छात्र द्वारा संसद की समिति के सामने तथ्यों के साथ प्रस्तुति देना इस पूरे विवाद को और अधिक गंभीर बना रहा है।




