दुनिया | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 29 अप्रैल 2026
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में उस वक्त माहौल अचानक हल्का और दिलचस्प हो गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय के स्वागत समारोह में एक बेहद निजी और चौंकाने वाला किस्सा साझा कर दिया। व्हाइट हाउस में आयोजित इस औपचारिक समारोह का मकसद अमेरिका और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक रिश्तों को और मजबूत करना था, लेकिन ट्रंप के बयान ने कूटनीतिक माहौल में अचानक एक मानवीय और रोचक मोड़ ला दिया।
“मेरी मां को चार्ल्स पर क्रश था…”
अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा, “मेरी मां टीवी पर इस परिवार को देखकर बहुत खुश होती थीं। वह कहती थीं—देखो, चार्ल्स कितना प्यारा है… उन्हें चार्ल्स पर क्रश था।”
ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद समारोह में मौजूद मेहमानों के बीच हल्की हंसी और मुस्कान फैल गई। खुद किंग चार्ल्स ने भी इस टिप्पणी को सहजता से लिया, जिससे माहौल और ज्यादा सहज हो गया।
औपचारिकता के बीच मानवीय जुड़ाव
यह बयान भले ही अनौपचारिक था, लेकिन इसने यह दिखा दिया कि कूटनीतिक रिश्तों में भी व्यक्तिगत भावनाएं और यादें अपनी जगह रखती हैं। जहां एक ओर मंच पर वैश्विक राजनीति, सुरक्षा और साझेदारी जैसे गंभीर मुद्दों की चर्चा होनी थी, वहीं ट्रंप के इस किस्से ने माहौल को मानवीय बना दिया।समारोह में कैमिला और मेलानिया ट्रंप समेत दोनों देशों के कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद थे।
250वीं वर्षगांठ का खास मौका
किंग चार्ल्स तृतीय की यह अमेरिका यात्रा खास मानी जा रही है, क्योंकि यह अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है। इस दौरान वे अमेरिकी संसद को भी संबोधित करेंगे—एक ऐसा सम्मान, जो पहले उनकी मां एलिजाबेथ द्वितीय को 1991 में मिला था। इस यात्रा का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में अमेरिका-ब्रिटेन संबंधों को नई दिशा देना भी है।
कूटनीति के बीच सॉफ्ट मोमेंट
अंतरराष्ट्रीय राजनीति अक्सर गंभीरता और रणनीति से भरी होती है, लेकिन ऐसे क्षण यह याद दिलाते हैं कि नेताओं के पीछे भी इंसानी कहानियां होती हैं। ट्रंप का यह बयान भले ही छोटा था, लेकिन इसने समारोह को यादगार बना दिया।वॉशिंगटन के इस कार्यक्रम में जहां एक तरफ कूटनीतिक संदेश दिए गए, वहीं दूसरी तरफ एक मां की पुरानी यादों ने सबका ध्यान खींच लिया—और यही इस शाम की सबसे बड़ी कहानी बन गई।




