सुमन कुमार | नई दिल्ली 30 दिसंबर 2025
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने दिल्ली में एक बयान देते हुए कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जो यह साबित करता है कि न्याय के लिए लड़ाई कितनी लंबी और कठिन रही है। उन्होंने कहा कि आज भले ही न्याय की एक जीत सामने आई हो, लेकिन जब तक पीड़ितों को पूरा और निष्पक्ष न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है। अलका लांबा ने कड़े शब्दों में कहा कि चाहे कुलदीप सिंह सेंगर का मामला हो, अंकिता भंडारी के दोषियों का सवाल हो या फिर बिलकिस बानो के गुनहगारों का—हर मामले में नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की कथनी और करनी के बीच का फर्क साफ नजर आता है। उनके मुताबिक, इन मामलों ने सरकार को नैतिक तौर पर बेनकाब कर दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की महिलाएं सिर्फ फैसलों की नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, जवाबदेही और इंसाफ की उम्मीद करती हैं। “आज न्याय की जीत हुई है, लेकिन यह आखिरी मंज़िल नहीं है। जब तक हर पीड़िता को उसका हक नहीं मिल जाता, तब तक हम सड़कों से लेकर अदालत तक आवाज़ उठाते रहेंगे,” अलका लांबा ने दो टूक कहा।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान के बाद एक बार फिर महिला सुरक्षा, न्याय व्यवस्था और सरकार की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।




