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WATCH VIDEO — योगी की पुरानी वेबसाइट पर आरक्षण विरोधी लेख? जयराम रमेश ने उठाए गंभीर सवाल

एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 13 फरवरी 2026

नई दिल्ली | आरक्षण के मुद्दे पर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने दावा किया है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक पुरानी निजी वेबसाइट से ऐसा लेख सामने निकाला है, जिसमें आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ तीखी टिप्पणियां की गई थीं।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि उक्त लेख में आरक्षण नीति के प्रति “जहर और कुंठा” व्यक्त की गई थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी सार्वजनिक मंचों पर संविधान और आरक्षण के समर्थन की बात करती है, लेकिन अतीत के ऐसे लेख उसकी वास्तविक वैचारिक सोच को उजागर करते हैं। कांग्रेस नेता ने संबंधित सामग्री के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए मांग की कि बीजेपी और मुख्यमंत्री कार्यालय इस पर स्पष्ट जवाब दें।

कांग्रेस का कहना है कि आरक्षण केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक प्रतिबद्धता का प्रश्न है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी के कुछ नेता वैचारिक रूप से आरक्षण के विरोधी रहे हैं और समय-समय पर इसके खिलाफ विचार व्यक्त करते रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि यदि वह लेख वास्तविक है, तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वह व्यक्तिगत विचार थे या किसी व्यापक वैचारिक रुख का हिस्सा।

वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से इस दावे पर अब तक विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि पार्टी कई बार यह दोहरा चुकी है कि वह अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण के पक्ष में है। भाजपा नेतृत्व यह भी कहता रहा है कि उसकी सरकारों ने संसद में आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था को बनाए रखने और उसकी अवधि बढ़ाने का समर्थन किया है।

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरक्षण का मुद्दा हमेशा से भारतीय राजनीति के केंद्र में रहा है और चुनावी माहौल में यह और अधिक संवेदनशील हो जाता है। पुराने लेखों और बयानों को सामने लाकर राजनीतिक दल एक-दूसरे की वैचारिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भाजपा या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया जाता है। यह विवाद सोशल मीडिया से निकलकर राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाज़ी और तेज होने के संकेत हैं।

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