राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | चंडीगढ़ | 2 अक्टूबर 2026
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही नेतृत्व को लेकर अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। कांग्रेस ने शुक्रवार को पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और पार्टी विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। उनके नाम के ऐलान के साथ ही अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया। वड़िंग ने इससे पहले पार्टी नेता राहुल गांधी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
महीनों की अनिश्चितता के बाद बड़ा फैसला
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर पिछले कई महीनों से पार्टी के भीतर चर्चा और अनिश्चितता बनी हुई थी। शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने परगट सिंह की नियुक्ति का औपचारिक ऐलान किया। इसके साथ ही पंजाब संगठन की जिम्मेदारी अब ऐसे नेता के हाथों में आ गई है, जिनकी पहचान राजनीति के साथ-साथ भारतीय हॉकी के मैदान पर भी रही है।
परगट सिंह भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान रह चुके हैं। राजनीति में आने के बाद उन्होंने पंजाब में कांग्रेस के साथ अपनी राजनीतिक भूमिका बनाई और वर्तमान में विधायक हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों का राजनीतिक असर दिखाई देने लगा है।
राजा वड़िंग ने सौंपा इस्तीफा
परगट सिंह की नियुक्ति से पहले अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा राहुल गांधी को सौंपा।
वड़िंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था। उनके कार्यकाल में पार्टी को संगठन से जुड़े कई मुद्दों और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अब कांग्रेस ने नेतृत्व में बदलाव करते हुए प्रदेश संगठन की कमान परगट सिंह को सौंप दी है।
हॉकी से राजनीति तक का सफर
परगट सिंह का राजनीतिक सफर शुरू होने से पहले उनकी पहचान भारतीय हॉकी के एक प्रमुख खिलाड़ी और कप्तान के रूप में रही है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारतीय पुरुष हॉकी टीम की कप्तानी भी की।
खेल के मैदान से राजनीति में आने के बाद उन्होंने पंजाब की राजनीति में अपनी जगह बनाई। वह जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं और पंजाब सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इस लिहाज से उन्हें विधानसभा, सरकार और राजनीतिक संगठन—तीनों स्तरों पर काम करने का अनुभव है।
2027 से पहले बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी
पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में परगट सिंह की नियुक्ति का महत्व बढ़ जाता है। हालांकि नियुक्ति संगठनात्मक फैसला है, लेकिन नए अध्यक्ष के सामने चुनाव से पहले पार्टी संगठन को सक्रिय रखने और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
कांग्रेस के लिए पंजाब एक महत्वपूर्ण राज्य है। प्रदेश संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय रखना, स्थानीय नेताओं के बीच तालमेल बनाना और कार्यकर्ताओं को चुनावी गतिविधियों से जोड़ना नए अध्यक्ष की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।
गुटबाजी से निपटना भी चुनौती
पंजाब कांग्रेस में समय-समय पर नेताओं के बीच मतभेद और संगठनात्मक खींचतान सामने आती रही है। ऐसे माहौल में परगट सिंह के सामने पार्टी के अलग-अलग नेताओं और गुटों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की चुनौती होगी।
उन्हें जिला और ब्लॉक स्तर के संगठन को सक्रिय करने के साथ-साथ वरिष्ठ नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच संवाद मजबूत करना होगा। पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखना उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण कसौटियों में से एक रहेगा।
हॉकी के मैदान से राजनीतिक मैदान तक
हॉकी के मैदान पर भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके परगट सिंह के सामने अब राजनीतिक संगठन की कप्तानी है। खेल और राजनीति के मैदान अलग हैं, लेकिन दोनों जगह टीम के साथ समन्वय महत्वपूर्ण होता है।
अब प्रदेश कांग्रेस की रणनीति, संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद में उनकी भूमिका अहम होगी। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि नए प्रदेश अध्यक्ष संगठन को किस तरह आगे बढ़ाते हैं और पार्टी की प्राथमिकताओं को किस दिशा में लेकर जाते हैं।
वड़िंग के बाद परगट की नई पारी
राजा वड़िंग के इस्तीफे के साथ पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व का एक अध्याय समाप्त हुआ है और परगट सिंह की नियुक्ति के साथ नई शुरुआत हुई है।
अब परगट सिंह के सामने प्रदेश कांग्रेस को संगठित करने, कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद कायम करने और पार्टी के भीतर समन्वय बढ़ाने की जिम्मेदारी है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उनके नेतृत्व में कांग्रेस संगठन किस तरह काम करता है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण राजनीतिक विषय रहेगा।
हॉकी के मैदान में कप्तानी कर चुके परगट सिंह अब पंजाब कांग्रेस के राजनीतिक मैदान में कप्तान हैं। उनकी नई पारी की शुरुआत हो चुकी है—अब नजर इस बात पर होगी कि वह संगठन को किस दिशा में आगे ले जाते हैं।



