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उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: मतदान जारी, सत्ता और विपक्ष में कड़ी टक्कर, दिग्गजों ने डाले वोट

नई दिल्ली 9 सितम्बर 2025

मतदान प्रक्रिया का आगाज़

नई दिल्ली में सोमवार को उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। संसद भवन में सुबह से ही सांसदों की आवाजाही बढ़ गई थी और सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार बी. सुधर्शन रेड्डी आमने-सामने हैं। दोनों ही पक्षों ने अपने सांसदों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए विशेष रणनीति बनाई है और मतदान के हर दौर पर पैनी नजर रखी जा रही है।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उपराष्ट्रपति चुनाव में अपने वोट डाल दिए। वहीं विपक्षी खेमे से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ शशि थरूर समेत कई वरिष्ठ सांसदों ने भी मतदान किया। मतदान की प्रक्रिया शाम तक जारी रहेगी और इसके बाद मतगणना शुरू होगी।

सत्ता पक्ष की रणनीति और आत्मविश्वास

एनडीए खेमे का दावा है कि उन्हें बहुमत से कहीं अधिक समर्थन प्राप्त है और सी.पी. राधाकृष्णन की जीत तय है। भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने पहले से ही पार्टी व्हिप जारी कर अपने सांसदों को मतदान के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए थे। सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि विपक्षी खेमे की एकजुटता केवल दिखावा है और वास्तविकता में वोटिंग के समय क्रॉस वोटिंग से उनके उम्मीदवार को बढ़त मिलेगी।

विपक्षी खेमे का पलटवार

इंडिया ब्लॉक इस चुनाव को सत्ता पक्ष की ‘एकतरफा जीत’ की धारणा को तोड़ने का अवसर मान रहा है। विपक्ष का कहना है कि बी. सुधर्शन रेड्डी जैसे सम्मानित और अनुभवी उम्मीदवार के पक्ष में अनेक सांसद खुलकर आए हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, एनसीपी, उद्धव गुट वाली शिवसेना, झारखंड मुक्ति मोर्चा, आम आदमी पार्टी और वामदलों ने विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने का दावा किया है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सांसदों पर दबाव और धमकियों की राजनीति कर रही है, लेकिन वे हर हाल में लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेंगे।

क्रॉस वोटिंग की चर्चाएँ

इस बार का चुनाव खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि दोनों ही खेमों में क्रॉस वोटिंग की संभावना जताई जा रही है। कई क्षेत्रीय दलों के सांसद किस ओर झुकेंगे, यह अभी तक साफ नहीं है। राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बनी हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि कुछ दलों के सांसदों ने विपक्ष का साथ दिया तो मुकाबला कांटे का हो जाएगा।

नतीजे का इंतजार

मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम तक वोटों की गिनती की जाएगी और परिणाम की घोषणा कर दी जाएगी। इस चुनाव के नतीजे न केवल संसद की राजनीति बल्कि आने वाले लोकसभा चुनाव की रणनीतियों पर भी असर डाल सकते हैं। सत्ता पक्ष की मजबूती या विपक्ष की एकजुटता—आज का फैसला दोनों ही के लिए निर्णायक साबित होगा। आंकड़े सत्ता पक्ष के तरफ हैं लेकिन गैप कितना रहता है इस पर बहुत कुछ निर्भर करता है।

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