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ओलंपिक्स ऑफ रोबोटिक्स में UAE को मिला ऐतिहासिक गोल्ड, भारतीय मूल के छात्रों ने रचा 36 साल बाद बड़ा चमत्कार

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अंतरराष्ट्रीय डेस्क 22 नवंबर 2025

दुनिया भर में तकनीक और नवाचार की दिशा तय करने वाले प्रतिष्ठित ग्लोबल रोबोटिक्स इवेंट FIRST Global Challenge 2025 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इतिहास रच दिया है। पनामा सिटी में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में UAE की टीम, जिसमें पूरी तरह भारतीय मूल के छात्र शामिल थे, ने गोल्ड मेडल जीतकर देश को यह गौरव दिलाया। यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि UAE ने 36 वर्षों में पहली बार इस अंतरराष्ट्रीय रोबोटिक्स प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल किया। दुनिया के 190 से अधिक देशों की टीमों को पछाड़कर UAE टीम ने तकनीकी कौशल और नवाचार के क्षेत्र में अपनी ताकत साबित कर दी।

जीतने वाली टीम में शामिल छात्रों—रिया मेहरा, आर्या पारेख, आरुष पंचोली, आदित्य आनंद, कृतिन सत्य, सिमरन मेहरा, श्रेया बिनॉय नायर और आर्यन गोयल—सभी भारतीय मूल के हैं और UAE के विभिन्न स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। टीम का नेतृत्व कर रहे कैप्टन आरुष पंचोली ने दुबई में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान कहा, “यह जीत अनगिनत घंटों की मेहनत, टीमवर्क और पृथ्वी के लिए कुछ सार्थक बनाने की हमारी इच्छा का परिणाम है।” छात्रों की इस सफलता ने न केवल UAE में भारतीय समुदाय का मान बढ़ाया, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय मूल के युवाओं की तकनीकी प्रतिभा को भी प्रखरता से सामने रखा।

टीम का अभिनव प्रोजेक्ट ‘STASH’ इस प्रतियोगिता की मुख्य चर्चा का विषय बना। यह एक अनोखा बायो-प्रिज़र्वेशन सिस्टम है, जिसका उद्देश्य लुप्तप्राय पौधों और प्रजातियों—विशेष रूप से मध्य पूर्व में महत्वपूर्ण मानी जाने वाली घाफ वृक्ष प्रजाति—को संरक्षित करना है। इस तकनीक की खासियत यह है कि इसमें न बिजली की आवश्यकता होती है और न ही फ्रीजिंग की। छात्र समूह ने सोडियम एल्गिनेट हाइड्रोजेल जैसी विशेष जैलनुमा सामग्री का उपयोग करके पौधों की कोशिकाओं को सुरक्षित संरक्षित करने की व्यवस्था विकसित की। इसमें AI आधारित विश्लेषण तकनीक और आउटडोर उपयोग के लिए डिजाइन की गई 3D-प्रिंटेड किट भी शामिल की गई, जिससे यह समाधान दूरदराज़ क्षेत्रों में भी आसानी से लागू किया जा सके।

MIT और Lam Research जैसे विश्वप्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों ने इस प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए इसे कम लागत, वैज्ञानिक रूप से सुदृढ़ और वैश्विक जैव विविधता संरक्षण के लिए क्रांतिकारी समाधान बताया। टीम ने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य केवल प्रतियोगिता जीतना नहीं था, बल्कि ऐसा उपकरण विकसित करना था जो वास्तविक दुनिया में जैव विविधता और समुदायों को बचाने में मदद कर सके। टीम कैप्टन पंचोली ने कहा, “हम सिर्फ मेडल पर गर्व नहीं कर रहे, बल्कि उस समाधान पर गर्व है जो विश्वभर की जैव विविधता और समुदायों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।”

टीम के कोच मुहम्मद मुख़्तार ने भी छात्रों की प्रतिभा और समर्पण की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह जीत साबित करती है कि UAE के विद्यार्थी वैश्विक स्तर पर उच्चतम प्रतिस्पर्धा में भाग लेकर सफलता हासिल कर सकते हैं। इससे UAE की शिक्षा और नवाचार प्रणाली को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है।

FIRST Global Challenge की शुरुआत वर्ष 2016 में अमेरिकी उद्यमी और आविष्कारक डीन केमेन ने की थी, जो प्रसिद्ध Segway Human Transport Device के आविष्कारक हैं। यह प्रतियोगिता विश्वभर के युवाओं को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों में नवाचार और सहयोग के लिए प्रेरित करती है।

इस जीत ने UAE को नए आत्मविश्वास के साथ तकनीकी विकास की वैश्विक दौड़ में आगे बढ़ाया है और साथ ही भारतीय मूल के छात्रों की क्षमता और नवाचार की चमक को दुनिया के सामने स्थापित किया है। आने वाले वर्षों में यह उपलब्धि न केवल UAE के रोबोटिक्स क्षेत्र को नई दिशा दे सकती है, बल्कि वैश्विक संरक्षण तकनीक के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान साबित हो सकती है।

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