अंतरराष्ट्रीय | एजेंसी/ ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 12 मई 2026
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान युद्ध को लेकर अपने ही देश में बढ़ते सवालों और नाराज़गी का सामना करना पड़ रहा है। Reuters/Ipsos के ताज़ा सर्वे में खुलासा हुआ है कि अमेरिका के लगभग दो-तिहाई नागरिक मानते हैं कि ट्रंप प्रशासन अब तक यह साफ तौर पर समझाने में विफल रहा है कि आखिर अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध में क्यों उतरा। सर्वे के मुताबिक करीब 66 प्रतिशत अमेरिकियों का मानना है कि ट्रंप ने युद्ध के उद्देश्यों और रणनीति को स्पष्ट तरीके से जनता के सामने नहीं रखा।
यह सर्वे ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मची हुई है और अमेरिकी जनता महंगे पेट्रोल, बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबावों से परेशान है। रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिकों ने माना कि ईरान युद्ध के कारण उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ा है। लगभग 63 प्रतिशत लोगों ने कहा कि पेट्रोल और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी ने उनकी आर्थिक स्थिति खराब की है, जबकि 75 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इसके लिए ट्रंप प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि सर्वे में ट्रंप के लिए एक मामूली राहत की खबर भी सामने आई। लगातार गिरती लोकप्रियता के बीच उनकी अप्रूवल रेटिंग में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Reuters/Ipsos पोल के अनुसार ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 34 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत पहुंच गई है, लेकिन यह अब भी उनके दूसरे कार्यकाल के सबसे कमजोर स्तरों में शामिल है।
विश्लेषकों का कहना है कि ईरान युद्ध ने ट्रंप प्रशासन को घरेलू स्तर पर राजनीतिक रूप से मुश्किल स्थिति में ला खड़ा किया है। अमेरिकी जनता का एक बड़ा वर्ग यह मानता है कि युद्ध शुरू करने के पीछे सरकार की रणनीति और उद्देश्य लगातार बदलते रहे हैं। कहीं ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की बात कही गई, कहीं क्षेत्रीय सुरक्षा का हवाला दिया गया और कहीं शासन परिवर्तन की चर्चा हुई। इसी कारण अमेरिकी नागरिकों के बीच भ्रम और अविश्वास बढ़ा है।
सर्वे में यह भी सामने आया कि अमेरिकी जनता लंबे युद्ध के पक्ष में नहीं है। अधिकांश लोग चाहते हैं कि अमेरिका जल्द से जल्द इस संघर्ष से बाहर निकले और कूटनीतिक समाधान खोजा जाए। इससे पहले भी कई Reuters/Ipsos और Ipsos सर्वे में बड़ी संख्या में अमेरिकियों ने ईरान युद्ध का विरोध किया था और जमीनी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ राय दी थी।
ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के चलते तेल कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसका असर अमेरिका सहित दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बड़ी संख्या में लोग अब अपनी गर्मियों की यात्रा योजनाओं में कटौती करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी मिडटर्म चुनावों से पहले यह मुद्दा रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। डेमोक्रेटिक पार्टी लगातार ट्रंप प्रशासन पर आरोप लगा रही है कि उसने बिना स्पष्ट रणनीति के अमेरिका को एक महंगे और खतरनाक संघर्ष में धकेल दिया। दूसरी तरफ ट्रंप समर्थक अब भी इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिकी शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा बता रहे हैं।
फिलहाल अमेरिका में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या ट्रंप प्रशासन जनता को यह भरोसा दिला पाएगा कि ईरान युद्ध अमेरिका के हित में था, या फिर बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव इस युद्ध को राजनीतिक रूप से ट्रंप के लिए भारी साबित करेंगे।




