[the_ad id="179"]
Home » International » ईरान के शांति प्रस्ताव को ट्रंप ने ठुकराया, बोले- “आज शाम ईरान को किनारे लगा दूंगा”

ईरान के शांति प्रस्ताव को ट्रंप ने ठुकराया, बोले- “आज शाम ईरान को किनारे लगा दूंगा”

अंतरराष्ट्रीय | एजेंसी/ ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 12 मई 2026

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से आए नए शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए बेहद आक्रामक बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान का प्रस्ताव “पूरी तरह अस्वीकार्य” है और अब अमेरिका सख्त कदम उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, “आज शाम मैं ईरान को साइडलाइन कर दूंगा।” ट्रंप के इस बयान के बाद पूरी दुनिया में हलचल तेज हो गई है और पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक ईरान ने हाल ही में अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा था, जिसमें युद्धविराम, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव कम करने और आगे बातचीत की पेशकश शामिल थी। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इस प्रस्ताव को “कमजोर”, “भ्रामक” और “समय बर्बाद करने वाला” बताते हुए खारिज कर दिया। ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान लगातार दुनिया को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है और अमेरिका अब “आधी-अधूरी डील” स्वीकार नहीं करेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यहां तक कहा कि उन्होंने ईरान का प्रस्ताव “पूरा पढ़ना भी जरूरी नहीं समझा।” ट्रंप ने दावा किया कि ईरान केवल समय हासिल करना चाहता है ताकि वह अपनी सैन्य और परमाणु रणनीति को मजबूत कर सके। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका निर्णायक कार्रवाई करेगा और ईरान को वैश्विक मंच पर अलग-थलग कर देगा।

इस बीच अमेरिकी रक्षा विभाग ने भी अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। खबर है कि अमेरिका ने भूमध्यसागर और खाड़ी क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ा दी है। एक परमाणु क्षमता वाली अमेरिकी पनडुब्बी की लोकेशन सार्वजनिक किए जाने को भी ईरान के लिए सीधा संदेश माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम अमेरिका की “मनोवैज्ञानिक दबाव रणनीति” का हिस्सा हो सकता है।

ईरान ने भी ट्रंप के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने साफ कहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो जवाब “कड़ा और ऐतिहासिक” होगा। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि उनका देश किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और अमेरिका को युद्ध की कीमत चुकानी पड़ सकती है। ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका और उसके सहयोगी पश्चिम एशिया को अस्थिर करने की साजिश चला रहे हैं।

सबसे ज्यादा चिंता स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर बढ़ रही है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के कारण यहां जहाजों की आवाजाही पहले ही प्रभावित हो चुकी है। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यदि हालात और बिगड़े तो वैश्विक तेल संकट गहरा सकता है। तेल की कीमतों में तेजी भी देखने को मिली है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है। यूरोपीय देशों, चीन और कई खाड़ी देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत जारी रखने की अपील की है। हालांकि ट्रंप के ताजा बयान ने संकेत दे दिए हैं कि अमेरिका अब और अधिक सख्त रणनीति की ओर बढ़ सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप घरेलू राजनीति में खुद को मजबूत नेता के रूप में पेश करना चाहते हैं और इसलिए ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। वहीं आलोचकों का कहना है कि लगातार बढ़ता सैन्य दबाव पूरे पश्चिम एशिया को बड़े युद्ध की ओर धकेल सकता है। पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। अगर कूटनीतिक रास्ता पूरी तरह बंद होता है, तो आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया में हालात और विस्फोटक हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *