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‘राम मंदिर ट्रस्ट में एक मुसलमान को शामिल कर लेते…’, दान विवाद के बीच बोले असदुद्दीन ओवैसी

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 30 जून 2026

राम मंदिर दान विवाद को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि अगर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में एक मुस्लिम सदस्य भी होता, तो कथित घोटाला सामने आने के बाद सरकार उसका “एनकाउंटर कर देती, बुलडोजर से घर गिरा देती और केस बंद हो जाता।”

ओवैसी ने कहा, “अगर ट्रस्ट में गलती हो गई, अगर उस ट्रस्ट में तुम एक मुसलमान को मेंबर बना लेते। बाद में जब ये घोटाला सामने आया तो तुम उस मुसलमान को ले जाकर उसका एनकाउंटर कर देते। बुलडोजर से उसका घर तोड़ देते, केस क्लोज।”

चंपत राय पर भी साधा निशाना

ओवैसी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का भी नाम लेते हुए कहा कि उनके खिलाफ वैसी कार्रवाई होती नहीं दिख रही जैसी अन्य मामलों में देखने को मिलती है। उन्होंने कहा, “चंपत तो अभी मजे में है। आप बताइए क्या हो रहा है। किसका घर नहीं तोड़ा जा रहा है? जिनको गिरफ्तार किया गया उनकी पुलिस कस्टडी भी नहीं ली जाती है। अब शायद मेरे बोलने के बाद पुलिस कस्टडी ले लेगी। बताओ आज उत्तर प्रदेश में क्या हो रहा है।”

दान विवाद पर गरमाई सियासत

राम मंदिर दान में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। विपक्ष लगातार योगी सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जवाब मांग रहा है। इस बीच नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

आठ आरोपी गिरफ्तार

25 जून को ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत आठ लोगों को नामजद किया गया। ये सभी राम मंदिर में दान की गिनती से जुड़े कर्मचारी बताए गए हैं और पुलिस इन्हें गिरफ्तार कर चुकी है। एफआईआर में कुछ अज्ञात लोगों का भी उल्लेख है, जिनकी भूमिका की जांच जारी है।

सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच की मांग ठुकराई

इस मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को रजिस्ट्री में पत्र देकर जल्द सुनवाई का अनुरोध करने की सलाह दी।

दान विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी लगातार तेज हो रही है। जहां विपक्ष सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, वहीं जांच एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं। अब इस पूरे मामले में आगे की तस्वीर जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही साफ होगी।

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