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सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ट्रंप सरकार पर 175 अरब डॉलर रिफंड का बोझ पड़ने की उम्मीद

एबीसी नेशनल न्यूज | वॉशिंगटन | 26 फरवरी 2026

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आर्थिक असर की चर्चा तेज

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के कार्यकाल में लगाए गए कुछ टैरिफ को अवैध करार दिए जाने के बाद देश में इसके आर्थिक प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस फैसले के कारण अमेरिकी सरकार को करीब 175 अरब डॉलर तक का रिफंड देना पड़ सकता है। यह राशि उन आयातकों और कंपनियों को लौटानी पड़ सकती है, जिन्होंने उस समय लागू टैरिफ के चलते अतिरिक्त शुल्क का भुगतान किया था।

टैरिफ नीति को मिला कानूनी झटका

ट्रंप प्रशासन ने अपने कार्यकाल के दौरान घरेलू उद्योग को मजबूत करने और व्यापार घाटा कम करने के उद्देश्य से कई देशों, विशेषकर चीन से आयात पर भारी टैरिफ लगाए थे। अदालत ने अपने फैसले में माना कि इनमें से कुछ टैरिफ तय कानूनी प्रक्रिया और अधिकारों की सीमा से बाहर थे। इस निर्णय ने उस समय की व्यापार नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह संकेत दिया है कि राष्ट्रीय आर्थिक फैसलों में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कितना आवश्यक है।

सरकार पर वित्तीय दबाव, कंपनियों को राहत

यदि बड़े पैमाने पर रिफंड की प्रक्रिया शुरू होती है तो यह अमेरिकी सरकार के लिए वित्तीय दबाव का कारण बन सकती है। दूसरी ओर आयातक कंपनियों और व्यापारिक संगठनों के लिए यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि वे लंबे समय से अतिरिक्त शुल्क को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। जानकारों का कहना है कि रिफंड की प्रक्रिया आसान नहीं होगी और इसमें बड़ी संख्या में आयात लेनदेन तथा कंपनियों के दावों की जांच करनी पड़ेगी, जिससे यह प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है।

भविष्य की व्यापार नीति पर पड़ सकता है असर

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भविष्य में अमेरिकी सरकारों को टैरिफ लगाने से पहले कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर अधिक सावधानी बरतने के लिए मजबूर करेगा। साथ ही इस निर्णय का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों पर भी पड़ सकता है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार संभावित वित्तीय बोझ को कैसे संभालती है और व्यापार नीति में किस तरह के बदलाव सामने आते हैं।

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