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राजधानी पर हुए हमले की सच्चाई देश जानना चाहता है : अखिलेश यादव

लखनऊ 11 नवंबर 2025

लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजधानी में हुए हालिया बड़े हमले को लेकर केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक सुरक्षा चूक नहीं, बल्कि देश की राजधानी—भारत के प्रतीक—पर सीधा हमला है, जहां से हर स्वतंत्रता दिवस को प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं। ऐसे पवित्र स्थान पर इतनी बड़ी साजिश कैसे सफल हुई, यह समझ से परे है, और इससे कहीं न कहीं सुरक्षा ढांचे की कमजोरी सामने आती है। अखिलेश ने कहा कि लोग डरे हुए हैं, बेचैन हैं और लगातार सवाल कर रहे हैं कि आखिर ऐसा कैसे हो गया, और इससे सरकार की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठते हैं।

अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि देश की जनता को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री स्वयं इस साजिश के पीछे के मास्टरमाइंड का खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक असली दोषियों को पकड़कर सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक न तो जनता को भरोसा मिलेगा और न ही देश में सुरक्षा तंत्र को लेकर विश्वास बहाल होगा। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस जांच को समयबद्ध तरीके से करे और बिना किसी राजनीतिक दबाव या एजेंसी के बहाने के, वास्तविक साजिशकर्ताओं को जनता के सामने लाए। यादव ने कहा कि “हम प्रधानमंत्री की बात पर पूरा भरोसा करते हैं, लेकिन यह भरोसा तभी मजबूत होगा जब पूरी सच्चाई धरातल पर आएगी।”

उन्होंने खुफिया एजेंसियों पर भी तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि यह चिंताजनक है कि देश की सबसे हाई-प्रोफाइल सुरक्षा व्यवस्थाओं में लगातार चूक क्यों हो रही है। अखिलेश ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब खुफिया तंत्र पर सवाल उठे हों; कई बार चेतावनी संकेतों के बावजूद घटनाएँ होती रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि राजधानी जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्र में यह सब हो सकता है, तो फिर देश के अन्य हिस्सों की सुरक्षा का क्या होगा? उन्होंने मांग की कि इस मामले में न केवल दोषियों की पहचान हो, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर उसे पुनर्गठित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न दोहराई जा सकें।

अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि यह घटना किसी राजनीतिक दल या सरकार का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा और प्रतिष्ठा का मामला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह सवाल पूछे, दबाव बनाए और जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह इस घटना को राजनीति से ऊपर उठकर ले और पारदर्शिता के साथ जांच के नतीजे सामने लाए, ताकि देश को यह पता चल सके कि इस साजिश के पीछे कौन लोग थे और उन्हें ऐसी हिम्मत कैसे मिली।

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