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तेजस्वी का ‘लूट तंत्र ब्लूप्रिंट’— गरीब, महिलाएं और मुसलमान सब निशाने पर: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच

पटना, 29 अक्टूबर 2025

बिहार में महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव के चुनावी घोषणा पत्र को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) ने “लूट पत्र” और “गरीबों को मूर्ख बनाने का “ब्लू प्रिंट” करार दिया है। मंच का कहना है कि यह घोषणा पत्र न तो रोजगार देगा, न विकास लाएगा, सिर्फ़ झूठे सपनों और राजनीतिक छल से बिहार की जनता को फिर से ठगने की कोशिश करेगा। मंच ने इसे एक ऐसी योजना बताया जो गरीब मुसलमानों के हक़ और वक्फ संपत्तियों पर डाका डालने के इरादे से तैयार की गई है।

तेजस्वी के वादे: छल, झूठ और खोखले सपनों का गठजोड़

तेजस्वी यादव ने अपने घोषणा पत्र में हर परिवार को नौकरी देने, महिलाओं को मासिक भत्ता देने, किसान-मजदूरों के लिए नई नीतियां लाने, पारदर्शिता और युवा नेतृत्व का वादा किया है। लेकिन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का कहना है कि यह सब सिर्फ़ चुनावी मौसम की मिठास है, जो चुनाव खत्म होते ही कड़वाहट में बदल जाएगी। मंच ने कहा कि तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी ने भ्रष्टाचार करने के अलावा कभी भी अल्पसंख्यकों, महिलाओं, किसानों या युवाओं के लिए ज़मीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया। मंच का आरोप है कि यह घोषणा पत्र असल में बिहार को फिर से भ्रष्टाचार और अपराध की दलदल में धकेलने की तैयारी है।

जंगलराज की याद: जब हत्या, अपहरण और फिरौती बिहार की पहचान थी

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने कहा कि तेजस्वी यादव जिस विरासत के प्रतिनिधि हैं, वही विरासत बिहार के काले इतिहास की सबसे बड़ी वजह रही है। लालू-राबड़ी शासनकाल में राज्य ‘जंगलराज’ के नाम से कुख्यात हुआ। उस दौर में हत्या, अपहरण, लूट और फिरौती का कारोबार खुलेआम चलता था। अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था और पुलिस प्रशासन असहाय बनकर देखता रह जाता था। मंच ने कहा कि “जिस परिवार की राजनीति ने बिहार को डर, हिंसा और जातिवाद की अंधेरी सुरंग में धकेला, उसी परिवार के उत्तराधिकारी अब पारदर्शिता और विकास की बातें करें, यह विडंबना है।” मंच का यह भी कहना है कि तेजस्वी यादव के शासन में लौटने का मतलब है— बिहार को फिर से अपराध और भय के अंधकार में धकेल देना।

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भ्रष्टाचार की विरासत: चारा चोरी से लेकर जमीन घोटाले तक

मंच ने याद दिलाया कि तेजस्वी यादव उसी परिवार से आते हैं, जिसने भारत के इतिहास के सबसे बड़े भ्रष्टाचार घोटालों में अपनी जगह बनाई। चारा घोटाले में जनता के पैसे से पशुओं का चारा तक खा लिया गया, यह उदाहरण आज भी बिहार की राजनीतिक बदनामी का प्रतीक है। यही नहीं, रेलवे मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव पर “नौकरी के बदले जमीन” घोटाले का आरोप लगा, जिसका केस आज भी अदालत में चल रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने कहा कि “जो परिवार कभी सरकारी खज़ाने को अपना समझकर लूटता रहा, वही अब गरीब मुसलमानों की वक्फ संपत्तियों पर नज़र गड़ाए बैठा है। यह सिर्फ़ राजनीतिक पाखंड नहीं, बल्कि नैतिक दिवालियापन है।”

वक्फ बिल पर विरोध: गरीब मुसलमानों के हक़ पर सीधा हमला

मंच ने कहा कि तेजस्वी यादव का वक्फ बिल का विरोध “मुस्लिम समाज के साथ की जाने वाली सबसे बड़ी धोखाधड़ी” है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियाँ यतीम, बेवा और गरीब मुसलमानों की अमानत हैं, और इन्हें बचाना हर सच्चे मुसलमान की जिम्मेदारी है। “तेजस्वी यादव वक्फ बिल का विरोध करके इन पवित्र अमानतों को अपने राजनीतिक व्यापार का ज़रिया बनाना चाहते हैं। यह गरीब मुसलमानों के हक़ पर डाका है और इसका विरोध देश के हर सच्चे नागरिक को करना चाहिए,” उन्होंने कहा। मंच ने यह भी आरोप लगाया कि तेजस्वी और उनके सहयोगी दलों की नीति मुस्लिम समाज को वोट बैंक में बदलने और फिर उसके असली हक़ को छीन लेने की रही है।

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महिलाओं के लिए भत्ता या वोट का चारा?

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने तेजस्वी यादव के वादों पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि “महिलाओं को मासिक भत्ता देने का वादा दरअसल बरगलाने की कोशिश है। जब बेरोजगारी, शिक्षा और सुरक्षा जैसे वास्तविक मुद्दों पर जवाब नहीं होता, तो ऐसे झूठे लुभावने वादे किए जाते हैं।” मंच ने कहा कि अगर तेजस्वी सचमुच महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध होते, तो वे उनके रोजगार, सुरक्षा और शिक्षा के लिए ठोस नीतियां पेश करते। यह भत्ता नीति नहीं, बल्कि “वोट का चारा” है।

ठगी और भय की राजनीति को नकारेगा बिहार

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि बिहार की जनता भावनाओं, जातिवाद और झूठे वादों से नहीं बहकेगी। मंच ने कहा कि “यह घोषणा पत्र नहीं, राजनीतिक ठगी का ब्लूप्रिंट है।” बिहार की जनता अब उस दौर में नहीं रह गई, जब जाति और धर्म के नाम पर वोट हासिल किए जा सकें। अब लोग यह समझ चुके हैं कि विकास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय ही असली मुद्दे हैं, न कि झूठे वादे और डर का माहौल। मंच ने कहा कि बिहार की जनता अब वक्फ विरोधी और समाज तोड़ने वाली राजनीति को सिरे से खारिज करेगी।

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