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स्पेन के PM की पत्नी पर भ्रष्टाचार का शिकंजा, देश छोड़ने पर रोक; सांचेज सरकार पर बढ़ा दबाव

स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज की पत्नी बेगोना गोमेज को भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में मुकदमे का सामना करना होगा। अदालत ने उनका पासपोर्ट जमा कराने, देश से बाहर जाने पर रोक लगाने और महीने में दो बार अदालत में रिपोर्ट करने का आदेश दिया है। इस मामले के साथ प्रधानमंत्री के करीबी लोगों और परिवार से जुड़े कई अन्य मामलों ने भी उनकी सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है।

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 30 अगस्त 2026

प्रधानमंत्री की पत्नी पर अदालत का बड़ा फैसला

स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज की राजनीतिक मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। एक स्पेनिश न्यायाधीश ने उनकी पत्नी बेगोना गोमेज को भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में मुकदमे का सामना करने का आदेश दिया है। अदालत ने गोमेज को पासपोर्ट जमा कराने और देश छोड़ने से रोकने के साथ महीने में दो बार अदालत में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। न्यायाधीश जुआन कार्लोस पेनाडो की जांच में गोमेज पर गबन, प्रभाव के दुरुपयोग, कारोबारी भ्रष्टाचार और धन के गलत इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की जांच हुई है। आरोपों के अनुसार, उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ अपने संबंधों का इस्तेमाल मैड्रिड की एक यूनिवर्सिटी में अपने पेशेवर काम को आगे बढ़ाने के लिए किया। हालांकि गोमेज और प्रधानमंत्री सांचेज दोनों ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। यह भी महत्वपूर्ण है कि आरोप और जांच अपने आप में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं हैं; अंतिम कानूनी निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया से ही सामने आएगा।

2024 में शुरू हुई थी जांच

बेगोना गोमेज के खिलाफ जांच वर्ष 2024 में शुरू हुई थी। भ्रष्टाचार विरोधी संगठन ‘मनोस लिम्पियास’ ने उनके खिलाफ प्रभाव के दुरुपयोग से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी। इस संगठन के दक्षिणपंथी हलकों से संबंध होने की बात भी सामने आई है। मामला सामने आने के बाद प्रधानमंत्री सांचेज ने कुछ दिनों के लिए सार्वजनिक गतिविधियों से दूरी बनाई थी और इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री पद पर बने रहने को लेकर भी विचार किया था। बाद में उन्होंने पद पर बने रहने का फैसला किया। सांचेज लगातार इस मामले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं और अपनी पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज करते रहे हैं।

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अदालत के आदेश पर भी उठे सवाल

अदालत के ताजा आदेश के बाद स्पेन में न्यायिक कार्रवाई को लेकर बहस भी तेज हुई है। कुछ टिप्पणीकारों ने पासपोर्ट जमा कराने और देश छोड़ने पर रोक लगाने को कठोर कदम बताया है। उनका तर्क है कि गोमेज को पहले से पुलिस सुरक्षा मिली हुई है, इसलिए उनके देश छोड़कर चले जाने की आशंका कम है। स्पेन के प्रमुख अखबार ‘एल पाइस’ ने भी अपने संपादकीय में जांच के तरीके और अपनाए गए कदमों पर सवाल उठाए हैं। हालांकि इन आलोचनाओं के बावजूद न्यायिक प्रक्रिया जारी है और मामले में अंतिम फैसला आना अभी बाकी है।

सांचेज के करीबी भी जांच के घेरे में

प्रधानमंत्री की पत्नी से जुड़ा मामला अकेला नहीं है। सांचेज के राजनीतिक और पारिवारिक दायरे से जुड़े कई अन्य लोग भी अलग-अलग मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं। सत्तारूढ़ स्पेनिश सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी यानी PSOE के मुख्यालय की पुलिस ने तलाशी भी ली है। यह कार्रवाई पार्टी और सरकार से जुड़े लोगों को प्रभावित करने वाले न्यायिक मामलों को कमजोर करने की कथित कोशिश से जुड़ी जांच का हिस्सा है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या पार्टी के पैसों का इस्तेमाल किसी पत्रकार को भुगतान करने के लिए किया गया था, ताकि वह पार्टी नेताओं और सहयोगियों के खिलाफ चल रही कानूनी शिकायतों की आलोचना करे।

पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व मंत्री भी सवालों के घेरे में

सांचेज के राजनीतिक दायरे से जुड़े मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री होसे लुइस रोड्रिगेज जापातेरो का नाम भी सामने आया है। वह संगठित अपराध, प्रभाव के दुरुपयोग और दस्तावेजों में हेरफेर से जुड़े मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। मामला एक छोटी एयरलाइन को दिए गए कर्ज से संबंधित आरोपों से जुड़ा है। जापातेरो ने गलत काम से इनकार किया है। दूसरी ओर सांचेज के पूर्व करीबी सहयोगी और पूर्व मंत्री होसे लुइस अबालोस पर कोविड महामारी के दौरान करीब 6 करोड़ डॉलर के मास्क सौदे में कमीशन लेने का आरोप है। वह मुकदमे से पहले कई महीने जेल में भी रह चुके हैं।

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प्रधानमंत्री के भाई पर भी मुकदमा

सांचेज के परिवार से जुड़ा एक और मामला उनके भाई डेविड से संबंधित है। उनके खिलाफ स्पेन के बादाजोज शहर में प्रभाव के दुरुपयोग से जुड़ा मुकदमा चल रहा है। मामला करीब नौ साल पहले हुई उनकी नियुक्ति से संबंधित आरोपों पर आधारित है। हालांकि इन मामलों में प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज को आरोपी नहीं बनाया गया है। इसके बावजूद पत्नी, भाई, पूर्व सहयोगियों और सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े मामलों की श्रृंखला ने प्रधानमंत्री के राजनीतिक विरोधियों को सरकार पर हमला करने का मजबूत मौका दिया है।

विपक्ष ने मांगा सांचेज का इस्तीफा

मुख्य विपक्षी दल पॉपुलर पार्टी यानी PP के नेता अल्बेर्तो नूनेज फेइखो ने प्रधानमंत्री सांचेज से इस्तीफे की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि सरकार गंभीर राजनीतिक संकट में फंस चुकी है। सांचेज की सरकार संसद में अल्पमत की स्थिति में है और उसे सत्ता में बने रहने के लिए अलग-अलग क्षेत्रीय दलों के समर्थन की जरूरत पड़ती है। गठबंधन में शामिल कुछ दलों ने भी सरकार से जुड़े मामलों पर चिंता जताई है। वामपंथी सहयोगी दल सुमार ने भी कहा है कि अगर पार्टी के पैसों के गलत इस्तेमाल का ठोस प्रमाण सामने आता है तो वह इसे स्वीकार नहीं करेगा।

समय से पहले चुनाव की चर्चा तेज

स्पेन में अगला आम चुनाव अगस्त 2027 तक होना है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के बीच समय से पहले चुनाव की चर्चा भी तेज हो गई है। उपलब्ध जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार, यदि अभी चुनाव होते हैं तो विपक्षी पॉपुलर पार्टी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है और दक्षिणपंथी वॉक्स पार्टी के साथ मिलकर बहुमत बनाने की स्थिति में पहुंच सकती है। हालांकि स्पेन की राजनीतिक व्यवस्था में केवल सरकार के खिलाफ जनमत बनना पर्याप्त नहीं है। प्रधानमंत्री को पद से हटाने के लिए संसद में किसी दूसरे नेता के पक्ष में पर्याप्त समर्थन जुटाना जरूरी होता है।

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सांचेज के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा

पेद्रो सांचेज यूरोपीय संघ के 27 देशों में लंबे समय तक पद पर रहने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। उनके कार्यकाल में स्पेन की अर्थव्यवस्था ने यूरोप के कई हिस्सों की तुलना में मजबूत प्रदर्शन किया है, लेकिन उनकी सरकार हमेशा नाजुक राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर रही है। अब पत्नी के खिलाफ जांच, परिवार से जुड़े मामले, पूर्व सहयोगियों पर आरोप और सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ जांच ने उनके सामने राजनीतिक चुनौती को और बड़ा कर दिया है। सांचेज ने पूरा कार्यकाल पूरा करने का भरोसा जताया है, लेकिन उनके सामने असली परीक्षा अपने गठबंधन को एकजुट रखने और कानूनी मामलों के बीच सरकार की विश्वसनीयता बनाए रखने की है। फिलहाल प्रधानमंत्री खुद किसी भी मामले में आरोपी नहीं हैं, लेकिन उनके आसपास बढ़ते कानूनी विवादों ने उनकी राजनीतिक स्थिति को पहले से कहीं अधिक कठिन बना दिया है।

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