राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केरल वक्फ बोर्ड को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार के एक अधिकारी की निगरानी में बोर्ड के कामकाज संचालित करने के हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी वैधानिक निकाय के दैनिक प्रशासन में इस प्रकार का हस्तक्षेप केवल असाधारण परिस्थितियों में ही न्यायिक रूप से उचित ठहराया जा सकता है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने यह आदेश केरल वक्फ बोर्ड की उस अपील पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें 15 जुलाई को केरल हाईकोर्ट द्वारा दिए गए अंतरिम आदेश को चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि केरल वक्फ बोर्ड का कामकाज राज्य सरकार के संयुक्त या अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी की “निगरानी” में चलेगा। इस व्यवस्था को चुनौती देते हुए वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी वैधानिक संस्था के रोजमर्रा के प्रशासन में न्यायालय या सरकार का हस्तक्षेप सामान्य नियम नहीं हो सकता। अदालत ने कहा कि यदि किसी निकाय के कामकाज में गंभीर और असाधारण अनियमितता या कानून का स्पष्ट उल्लंघन हो, तभी न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ सकती है।
शीर्ष अदालत के इस आदेश के बाद फिलहाल केरल वक्फ बोर्ड राज्य सरकार के अधिकारी की निगरानी से मुक्त होकर अपने वैधानिक अधिकारों के तहत स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकेगा।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि भविष्य में वक्फ बोर्ड के कामकाज में कोई गंभीर अनियमितता या कानून के विपरीत कार्रवाई सामने आती है, तो न्यायालय आवश्यक हस्तक्षेप कर सकता है। इस फैसले को वैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और उनके प्रशासनिक अधिकारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




