राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 6 मई 2026
पश्चिम बंगाल और असम के चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक कार्यकर्ता Yogendra Yadav ने बेहद तीखा और आक्रामक बयान देते हुए सियासी माहौल को गरमा दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता बदलने का मामला नहीं है, बल्कि देश के इतिहास, उसकी पहचान और उसकी सभ्यता को बचाने की जंग बन चुका है।
योगेंद्र यादव ने चुनावी नतीजों को “खतरे की घंटी” बताते हुए कहा कि आज की राजनीति को सिर्फ सीटों और आंकड़ों के चश्मे से देखना बड़ी भूल होगी। उनके मुताबिक, जो कुछ देश में हो रहा है, वह एक गहरे बदलाव का संकेत है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक संतुलन पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई किसी एक पार्टी या नेता तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह पूरे देश की आत्मा से जुड़ा सवाल बन चुकी है।
उन्होंने सीधे तौर पर Bharatiya Janata Party और Rashtriya Swayamsevak Sangh को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीतिक दिशा देश की बुनियादी सोच और उसके ऐतिहासिक चरित्र को बदलने की कोशिश कर रही है। यादव ने कहा कि यह हमला केवल विपक्ष पर नहीं, बल्कि भारत की उस पहचान पर है, जो विविधता, सह-अस्तित्व और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित रही है।
उन्होंने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समाज इस समय चुप रहा या राजनीति से दूरी बना ली, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। यादव ने जोर देकर कहा कि यह समय पीछे हटने का नहीं, बल्कि सक्रिय होकर लोकतंत्र और देश के मूल मूल्यों की रक्षा करने का है।
योगेंद्र यादव के इस बयान ने चुनावी नतीजों की चर्चा को एक नए मोड़ पर ला दिया है। अब बहस सिर्फ इस बात पर नहीं रह गई कि कौन जीता और कौन हारा, बल्कि इस पर भी तेज हो गई है कि देश की राजनीति किस दिशा में जा रही है और आने वाले समय में इसका असर भारत की पहचान पर किस तरह पड़ेगा।




