राष्ट्रीय / ऊर्जा | ABC NATIONAL NEWS | गुजरात | 17 मई 2026
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी से लदा विशाल गैस जहाज ‘सिमी’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलमार्ग पार कर गुजरात पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि इस जहाज में लगभग 20 हजार टन एलपीजी गैस भरी हुई है, जो भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक जहाज ने 13 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया था। उस समय क्षेत्र में तनाव, समुद्री सुरक्षा और तेल-गैस सप्लाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ी हुई थीं। ऐसे माहौल में जहाज का सुरक्षित भारत पहुंचना ऊर्जा क्षेत्र और सरकार दोनों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। हाल के दिनों में ईरान, अमेरिका और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण इस मार्ग की सुरक्षा को लेकर कई देशों की चिंता बढ़ गई थी। भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी से लदे जहाजों की सुरक्षित आवाजाही भारत के घरेलू बाजार के लिए बेहद जरूरी है। अगर होर्मुज क्षेत्र में लंबे समय तक तनाव बना रहता है, तो इसका असर भारत समेत कई देशों में ईंधन कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है। ऐसे में ‘सिमी’ का सुरक्षित पहुंचना रणनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार गुजरात पहुंचने के बाद जहाज से एलपीजी की अनलोडिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह गैस घरेलू और व्यावसायिक जरूरतों के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में भेजी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल भारत की एलपीजी सप्लाई सामान्य बनी हुई है और सरकार हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत आने वाले समय में ऊर्जा आयात के वैकल्पिक मार्गों और रणनीतियों पर भी अधिक ध्यान दे सकता है। फिलहाल ‘सिमी’ का सुरक्षित आगमन भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।




