अंतरराष्ट्रीय डेस्क 29 दिसंबर 2025
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के साथ बातचीत बहुत अच्छी चल रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ मुद्दों को छोड़ कर वार्ता निर्णायक लग रही है। ट्रंप ने कहा कि युद्ध के माहौल में कई मुद्दों पर अड़चनें होती हैं लेकिन जिस हिसाब से वार्ता चल रही है ये सुखद है और इसके सकारात्मक प्रणाम जल्द आने की उम्मीद है। रूस और यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। दोनों देश के शीर्ष नेता समझौते के बहुत पास हैं। अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा, संवेदनशील मुद्दों पर कोई गड़बड़ी नहीं हुई तो ये मानवता के लिए अच्छा कदम होगा और शांति की बहाली हो पाएगी। जंग किसी भी देश के लिए अच्छा नहीं है और दोनों देश को समझना होगा कि अपने अहम की लड़ाई के चक्कर में मानवता का खून करना मुनासिब नहीं है। युद्ध की त्रासदी बहुत खराब होती है। और इसे अगर दोनों देश के शीर्ष नेता समझ के आगे बढ़ते हैं तो यह अच्छी बात है। ट्रंप ने कहा कि अभी जो दिख रहा है उसके हिसाब से कहा जा सकता है कि वार्ता निर्णायक दौर में है।
फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में हुई इस अहम मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान ट्रंप ने भरोसे के साथ कहा कि आने वाले “कुछ हफ्तों में” यह साफ हो जाएगा कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की बातचीत सफल होगी या नहीं। उनके शब्दों में, “हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं, लेकिन अभी सब कुछ तय नहीं हुआ है।” ट्रंप के मुताबिक, दोनों नेता युद्ध खत्म करने के समझौते के “काफी करीब, शायद बहुत ही करीब” पहुंच गए हैं, हालांकि कुछ पेचीदा और संवेदनशील मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है।
ज़ेलेंस्की ने भी बातचीत में हुई प्रगति को स्वीकार किया, लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया कि ज़मीन से जुड़े कई कठिन सवाल अभी खुले हुए हैं। सुरक्षा की गारंटी, क्षेत्रीय मसले और युद्ध के बाद की व्यवस्था जैसे विषय ऐसे हैं, जिन पर फैसला आसान नहीं है। इसके बावजूद दोनों नेताओं के चेहरे और बयानों से यह साफ झलक रहा था कि संवाद टूटा नहीं है, बल्कि पहले से ज्यादा गंभीर और व्यावहारिक हो चुका है।
यूक्रेन युद्ध ने पिछले कई वर्षों से न सिर्फ यूरोप, बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित किया है। ऐसे में ट्रंप और ज़ेलेंस्की की यह मुलाकात उम्मीद की एक नई किरण के रूप में देखी जा रही है। अब सबकी निगाहें आने वाले हफ्तों पर टिकी हैं—क्या ये बातचीत वाकई जंग के अंत की शुरुआत बनेगी, या फिर मतभेद एक बार फिर रास्ता रोक देंगे।




