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RSS ने मोहनदास से बनाई दूरी: जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों पर विवादित बयान से संघ का किनारा

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | कोच्चि/नई दिल्ली | 28 जुलाई 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर विवादित टिप्पणियां करने वाले हिंदुत्व विचारक टी.जी. मोहनदास के बयानों से सार्वजनिक रूप से दूरी बना ली है। संघ ने स्पष्ट किया है कि मोहनदास की टिप्पणियां उनके “व्यक्तिगत विचार” हैं और वे किसी भी स्तर पर RSS के पदाधिकारी नहीं हैं।

दक्षिण केरल के सह प्रांत कार्यवाह के.बी. श्रीकुमार ने जारी बयान में कहा कि मोहनदास ने जो टिप्पणियां की हैं, उनका संघ से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मोहनदास के विचार पूरी तरह उनके निजी हैं और उन्हें RSS का आधिकारिक दृष्टिकोण नहीं माना जाना चाहिए।

यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब टी.जी. मोहनदास के दो वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बने हुए हैं। एक वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि यदि वे अधिकार की स्थिति में होते तो जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों को “गोली मार देते”। दूसरे वीडियो में उन्होंने प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को लेकर भी बेहद विवादास्पद और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसकी विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी आलोचना की।

मोहनदास पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केरल इकाई के बौद्धिक प्रकोष्ठ के प्रमुख रह चुके हैं और लंबे समय से हिंदुत्व विचारधारा पर लिखते और बोलते रहे हैं। उनके हालिया बयानों के बाद सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगे थे कि क्या ये विचार संघ परिवार की आधिकारिक सोच का प्रतिनिधित्व करते हैं।

RSS के ताजा बयान को उन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश माना जा रहा है। संगठन ने साफ कर दिया है कि मोहनदास के बयान संघ की आधिकारिक लाइन नहीं हैं और उन्हें RSS से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

इस घटनाक्रम के बीच जंतर-मंतर आंदोलन और 20 जुलाई के संसद मार्च को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है। विपक्ष पुलिस कार्रवाई, पैलेट गन के इस्तेमाल और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है, जबकि सरकार और उससे जुड़े संगठन अलग-अलग स्तर पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने में जुटे हैं। अब RSS द्वारा मोहनदास के बयानों से दूरी बना लेने को भी इसी व्यापक राजनीतिक घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है।

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