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फीता कटा, उड़ान थमी: यूपी के कई UDAN एयरपोर्ट बंद, करोड़ों के खर्च पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली/लखनऊ | 24 फरवरी 2026

कांग्रेस ने केंद्र सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना UDAN को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि बिना पर्याप्त योजना और व्यवहारिकता के कई एयरपोर्ट परियोजनाओं का उद्घाटन कर दिया गया, लेकिन उनका संचालन टिकाऊ नहीं रह सका। पार्टी का कहना है कि उत्तर प्रदेश में बड़े प्रचार के साथ शुरू किए गए कई एयरपोर्ट कुछ ही समय में बंद हो गए या वहां उड़ानें बेहद सीमित हो गईं, जिससे करोड़ों रुपये के खर्च और योजनाओं की उपयोगिता पर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक यह मामला केवल हवाई सेवाओं का नहीं बल्कि सार्वजनिक धन के इस्तेमाल और परियोजनाओं की दीर्घकालिक योजना से भी जुड़ा है।

कांग्रेस के अनुसार आजमगढ़, अलीगढ़, चित्रकूट, श्रावस्ती, मुरादाबाद और कुशीनगर जैसे एयरपोर्ट, जिन्हें क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, वहां नियमित उड़ानों का संचालन रुक गया है। विपक्ष का आरोप है कि इन परियोजनाओं का उद्घाटन जल्दबाजी में किया गया और बाद में मांग की कमी, तकनीकी समस्याएं, सीमित यात्री संख्या और एयरलाइनों की आर्थिक व्यवहारिकता जैसी वजहों से सेवाएं बंद हो गईं। पार्टी का कहना है कि इससे यह सवाल उठता है कि क्या परियोजनाओं की शुरुआत से पहले पर्याप्त सर्वे और दीर्घकालिक योजना तैयार की गई थी।

विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि करदाताओं के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं में पारदर्शिता और व्यवहारिकता सबसे अहम होनी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि यदि योजनाएं केवल उद्घाटन और प्रचार तक सीमित रह जाएं तो इसका आर्थिक बोझ अंततः आम जनता पर पड़ता है। पार्टी ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी जरूरी है, लेकिन स्थानीय मांग, बुनियादी ढांचे की तैयारी और एयरलाइनों की भागीदारी जैसे पहलुओं को नजरअंदाज करने से योजनाएं टिकाऊ नहीं रह पातीं।

वहीं सरकार और सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि UDAN योजना के जरिए देश के कई दूरदराज क्षेत्रों को पहली बार हवाई संपर्क मिला है और शुरुआती चरण में संचालन संबंधी चुनौतियां आना सामान्य बात है। उनका कहना है कि मांग बढ़ने और बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ इन एयरपोर्ट्स पर सेवाएं फिर शुरू हो सकती हैं तथा इस योजना को क्षेत्रीय विकास के दीर्घकालिक निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर आरोप-प्रत्यारोप राजनीति का हिस्सा होते हैं, लेकिन योजनाओं की वास्तविक उपयोगिता और लागत पर नियमित समीक्षा भी उतनी ही जरूरी है। फिलहाल कांग्रेस के आरोपों के बाद UDAN योजना के तहत शुरू किए गए एयरपोर्ट्स की स्थिति को लेकर बहस तेज हो गई है, जबकि स्थानीय यात्रियों और व्यापार समुदाय की उम्मीद है कि भविष्य में इन एयरपोर्ट्स से उड़ान सेवाएं स्थिर रूप से बहाल हों।

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