राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 4 जून 2026
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यसभा चुनाव 2026 और ओडिशा राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों से कई वरिष्ठ नेताओं, संगठनात्मक चेहरों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को मैदान में उतारकर राजनीतिक और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है।
बीजेपी की घोषित सूची के अनुसार मध्य प्रदेश से राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल, जबकि राजस्थान से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया गया है। गुजरात से राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, जितेंद्र मेघजीभाई कंजारिया और मानसिंह परमार को टिकट दिया गया है। अरुणाचल प्रदेश से ताई तागाक और मणिपुर से ए. शारदा देवी को उम्मीदवार घोषित किया गया है। वहीं ओडिशा राज्यसभा उपचुनाव के लिए देबाशीष सामंतराय के नाम पर मुहर लगाई गई है।
तरुण चुघ पर पार्टी का भरोसा कायम
पंजाब के अमृतसर से आने वाले तरुण चुघ बीजेपी के भरोसेमंद रणनीतिकारों में गिने जाते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से राजनीति में आए चुघ वर्तमान में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तथा तेलंगाना जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में संगठन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने को संगठन में उनके बढ़ते प्रभाव और नेतृत्व के भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।
सतीश पूनिया को मिला राजनीतिक अनुभव का पुरस्कार
राजस्थान बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया लंबे समय से संगठन और चुनावी राजनीति में सक्रिय रहे हैं। छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू करने वाले पूनिया विधानसभा में विपक्ष के उपनेता भी रह चुके हैं। वर्तमान में वे हरियाणा बीजेपी के प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं। जाट समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।
अलका गुर्जर और महिला प्रतिनिधित्व पर जोर
राजस्थान से डॉ. अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने महिला नेतृत्व और सामाजिक प्रतिनिधित्व को भी महत्व दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला आगामी चुनावी रणनीति और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
18 जून को होगा मतदान
राज्यसभा की 24 सीटों के लिए मतदान 18 जून 2026 को होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। इन चुनावों में 10 राज्यों की सीटों पर मतदान होना है। कई वरिष्ठ नेताओं, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा और कुछ केंद्रीय मंत्रियों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनकी सीटों पर भी नए प्रतिनिधि चुने जाएंगे।
राजनीतिक संदेश भी, संगठनात्मक संतुलन भी
बीजेपी की इस सूची को केवल राज्यसभा चुनाव की औपचारिकता नहीं बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी ने संगठन के अनुभवी नेताओं, महिला प्रतिनिधियों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि बीजेपी आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए अपने संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने की तैयारी में जुटी है।




