राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 30 सितंबर 2026
चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर INDIA ब्लॉक ने अपना रुख और आक्रामक कर दिया है। बुधवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई बैठक के बाद राहुल गांधी और ममता बनर्जी ने चुनावी प्रक्रिया, SIR और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर तीखे बयान दिए। राहुल गांधी ने कहा कि INDIA ब्लॉक के नेताओं की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है कि जिन लोगों ने भारतीय लोकतंत्र को नष्ट किया है, उन्हें सजा दिलाई जाएगी, चाहे वे कितने भी बड़े या वरिष्ठ क्यों न हों। वहीं ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार पर सीधे आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की और चेतावनी दी कि इस्तीफा नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ये विपक्षी नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि INDIA ब्लॉक की बैठक में ‘वोट चोरी’ से जुड़े मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला किया है। राहुल ने कहा कि विपक्ष इसे चुपचाप स्वीकार नहीं करेगा और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि इससे फर्क नहीं पड़ता कि संबंधित व्यक्ति कितना वरिष्ठ है या उसका पद कितना बड़ा है, क्योंकि भारतीय लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति से बड़ा है। राहुल ने विपक्षी नेताओं को संविधान का ‘सामूहिक रक्षक’ भी बताया।
राहुल गांधी ने युवाओं के बीच पैदा हो रहे असंतोष का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के सामने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल रखने में सफल रहा है और खास तौर पर युवाओं में एक नया प्रतिरोध दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक युवा मानते हैं कि देश में जो कुछ हो रहा है, उसे रोका जाना चाहिए। राहुल ने कहा कि आने वाले महीनों में विपक्ष देश में महत्वपूर्ण बदलाव लाने को लेकर आश्वस्त है। ये राहुल गांधी की राजनीतिक व्याख्या और दावा है।
दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और भी तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एक बड़ा ‘स्कैम’ हुआ है और उसका परिणाम जनता भुगत रही है। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करके अलग-अलग राज्यों में सरकारें बनाई हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘चोर’ और ‘डाकू’ बताते हुए आरोप लगाया कि लोगों के वोट चोरी किए गए, EVM मशीनें जलाई गईं और मतगणना में गड़बड़ी हुई। ममता ने इन्हीं आरोपों के आधार पर ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की मांग की।
ममता ने चेतावनी दी कि अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो विपक्ष बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि INDIA ब्लॉक मिलकर ‘वोट चोरी’ के खिलाफ लड़ाई लड़ेगा और लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा। उनके बयान ऐसे समय आए हैं जब INDIA ब्लॉक ने चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त आंदोलन की रणनीति तैयार की है।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया। 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च, 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसदों का चुनाव आयोग तक मार्च और 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी जनसभा होगी। विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय भी मांगेंगे। INDIA ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित SIR और चुनावी मामलों की जल्द सुनवाई की अपील करने का भी फैसला किया है।
INDIA ब्लॉक ने चुनावी व्यवस्था को लेकर छह प्रमुख मांगें भी रखीं। इनमें भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची का इस्तेमाल, मतदाता सूची में जोड़ने-हटाने और सुधार की बूथ तथा विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी सार्वजनिक करना, किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले नोटिस और प्रभावी अपील का अवसर देना, प्रशासनिक या दस्तावेजी समस्या के कारण पात्र मतदाताओं को सूची से बाहर न करना, EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान, तथा युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों के लिए आसान पंजीकरण और चुनाव आयोग की संस्थागत जवाबदेही शामिल हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। विपक्ष SIR, मतदाता सूची में बदलाव और EVM को लेकर गंभीर सवाल उठा रहा है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और सरकार ने विपक्ष के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और चुनावी प्रक्रिया का बचाव किया है। ऐसे में राहुल गांधी की ‘लोकतंत्र नष्ट करने वालों को सजा’ की चेतावनी और ममता बनर्जी की ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, नहीं तो बड़ा आंदोलन’ की हुंकार INDIA ब्लॉक के आगामी आंदोलन के तेवर को स्पष्ट करती है।



