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PM आवास के बाहर राहुल-अखिलेश धरने पर अड़े, कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया; विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज की

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026

पेपर लीक और NEET विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर विपक्ष का दबाव मंगलवार को और बढ़ गया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ गए। दिल्ली पुलिस ने धरना समाप्त कराने की कोशिश की और कई कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

प्रधानमंत्री आवास के बाहर शुरू हुए धरने का नेतृत्व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने किया। बाद में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, एनसीपी (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले सहित कई विपक्षी दलों के नेता भी धरने में शामिल हो गए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है और पुलिस कार्रवाई के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए कार्रवाई शुरू की, लेकिन राहुल गांधी और अखिलेश यादव धरना स्थल से हटने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार सहित कई अन्य नेताओं को भी पुलिस ने मौके से हटाया।

कांग्रेस ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं—गृह मंत्री अमित शाह का संसद में बयान, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर संसद में चर्चा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तथा छात्रों से सार्वजनिक माफी।

धरने के दौरान केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात कर धरना समाप्त करने का आग्रह किया। इसके बाद जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन राहुल गांधी ने बाद में अपनी मांगों में बदलाव कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार NEET और छात्र आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है।

वहीं राहुल गांधी ने सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नैतिक जिम्मेदारी लेने की भी मांग की।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में पुलिस कार्रवाई पर बयान दें। वहीं कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि यदि सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो छात्रों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़ों में मौजूद लोगों ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की। हालांकि इन आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इस बीच विपक्षी दलों ने आंदोलन को और व्यापक बनाने के संकेत दिए हैं। कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों से भी प्रधानमंत्री आवास के बाहर चल रहे धरने में शामिल होने की अपील की है। उधर सरकार का कहना है कि वह पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।

पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव अब और तेज हो गया है। ऐसे में मानसून सत्र के आगामी दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक संघर्ष और बढ़ने की संभावना है।

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