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‘कंप्यूटरों का राजा’ बनाने की तैयारी… चीन का LineShine सुपरकंप्यूटर दुनिया को चौंकाने को तैयार

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टेक्नोलोजी | एजेंसी/ ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग | 1 मई 2026

दुनिया में ताकत की लड़ाई अब सिर्फ हथियारों या अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि तकनीक के मैदान में भी बड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। इसी दौड़ में अब चीन ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। चीन ने LineShine नाम का एक नया सुपरकंप्यूटर पेश किया है, जिसे ‘कंप्यूटरों का राजा’ कहा जा रहा है। इसकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें इतनी स्टोरेज क्षमता होगी कि करीब 32.5 करोड़ फिल्में एक साथ सेव की जा सकती हैं। यानी अगर कोई इंसान रोज एक फिल्म देखे, तो उसकी कई जन्म भी कम पड़ जाएं, लेकिन यह मशीन सब कुछ एक ही जगह संभाल सकती है।

यह सुपरकंप्यूटर अभी पूरी तरह चालू नहीं हुआ है, लेकिन जैसे ही यह काम करना शुरू करेगा, इसमें करीब 47 हजार सीपीयू यानी प्रोसेसर लगे होंगे। इसकी स्पीड और ताकत इतनी ज्यादा बताई जा रही है कि यह 2 एक्साफ्लॉप्स तक की परफॉर्मेंस दे सकता है। इसे आसान भाषा में समझें तो यह मशीन एक सेकंड में उतने गणितीय हिसाब कर सकती है, जितना काम लाखों-करोड़ों लोग मिलकर भी सालों में नहीं कर पाएंगे। एक उदाहरण के तौर पर सोचिए कि अगर दुनिया का हर आदमी हर सेकंड एक सवाल हल करे, तब भी जो काम करने में करीब 8 साल लगेंगे, वही काम यह सुपरकंप्यूटर एक सेकंड में खत्म कर देगा।

इस मशीन की एक और खास बात इसकी स्टोरेज है, जो 650 पेटाबाइट बताई जा रही है। यह संख्या सुनने में भले ही भारी लगे, लेकिन इसका मतलब है कि इसमें डेटा का ऐसा भंडार होगा जो सामान्य कंप्यूटरों की कल्पना से भी बाहर है। यही वजह है कि इसे भविष्य की तकनीक का बड़ा हथियार माना जा रहा है। इसमें 10Tbps की तेज बैंडविड्थ होगी, जिससे डेटा बहुत तेजी से इधर-उधर भेजा जा सकेगा और बड़े-बड़े वैज्ञानिक काम भी आसानी से पूरे हो पाएंगे।

चीन इस सुपरकंप्यूटर के जरिए अपनी तकनीकी ताकत भी दिखाना चाहता है। खास बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली कई तकनीकें, जैसे चिप, स्टोरेज और नेटवर्क सिस्टम, खुद चीन ने विकसित किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें हुवावे के सर्वर भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जिससे यह साफ है कि चीन अब टेक्नोलॉजी के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इस सुपरकंप्यूटर का इस्तेमाल सिर्फ डेटा रखने के लिए नहीं होगा, बल्कि इसका असली काम बड़े-बड़े वैज्ञानिक प्रयोग, इंजीनियरिंग के जटिल मॉडल, मौसम की सटीक भविष्यवाणी और नई तकनीकों के विकास में मदद करना होगा। मेडिकल रिसर्च से लेकर अंतरिक्ष तक, हर क्षेत्र में ऐसे सुपरकंप्यूटर बड़ी भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि इसे भविष्य की जरूरत माना जा रहा है।

दुनिया में अभी सबसे ताकतवर सुपरकंप्यूटर अमेरिका के पास है, जिसका नाम El Capitan है। उसकी क्षमता करीब 1.74 एक्साफ्लॉप्स है। चीन का दावा है कि LineShine इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। अगर ऐसा होता है, तो तकनीक के मैदान में चीन एक बड़ी छलांग लगा लेगा और अमेरिका को कड़ी चुनौती मिलेगी।

यह सिर्फ एक मशीन नहीं, तकनीकी ताकत का प्रदर्शन है। आने वाले समय में यह साफ हो जाएगा कि यह सुपरकंप्यूटर दुनिया में किस तरह का बदलाव लाता है, लेकिन इतना तय है कि टेक्नोलॉजी की इस दौड़ में मुकाबला अब और भी तेज और दिलचस्प होने वाला है।

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