राष्ट्रीय | अवधेश झा | ABC NATIONAL NEWS | नोएडा | 1 मई 2026
अब जमीन खरीदने-बेचने में छुपी जानकारी और बकाया रकम छिपाना आसान नहीं रहेगा। नोएडा प्राधिकरण एक ऐसी हाईटेक व्यवस्था लागू करने जा रहा है, जिसमें हर प्लॉट की पूरी आर्थिक जानकारी एक क्लिक पर सामने आ जाएगी। इस नई व्यवस्था में जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे किसी भी प्लॉट की लोकेशन के साथ-साथ उसकी पूरी “आर्थिक कुंडली” भी पता चल सकेगी।अब तक कई मामलों में ऐसा होता था कि लोग प्लॉट खरीद लेते थे और बाद में पता चलता था कि उस पर पहले से बकाया रकम है या कोई कानूनी विवाद चल रहा है। इस वजह से खरीदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था और विवाद लंबे समय तक चलते रहते थे। इसी समस्या को खत्म करने के लिए यह नई व्यवस्था लाई जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति जमीन खरीदने से पहले पूरी सच्चाई जान सके।
इस सिस्टम के तहत प्लॉट का जीपीएस लोकेशन डालते ही उससे जुड़ी हर जानकारी सामने आ जाएगी। इसमें यह भी पता चलेगा कि उस प्लॉट पर कितना बकाया है, मालिक कौन है, कोई विवाद तो नहीं है और क्या सभी जरूरी भुगतान किए गए हैं या नहीं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को धोखे से बचाया जा सकेगा।
प्राधिकरण का मानना है कि इस कदम से प्रॉपर्टी सेक्टर में चल रही गड़बड़ियों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी। कई बार बिचौलिए अधूरी या गलत जानकारी देकर प्लॉट बेच देते हैं, जिससे खरीदार बाद में फंस जाता है। नई तकनीक लागू होने के बाद ऐसी संभावनाएं काफी कम हो जाएंगी।
इस व्यवस्था का फायदा सिर्फ खरीदारों को ही नहीं, बल्कि प्राधिकरण को भी मिलेगा। बकाया वसूली आसान होगी और रिकॉर्ड भी व्यवस्थित तरीके से रखा जा सकेगा। साथ ही, जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता आने से विवाद भी कम होने की उम्मीद है।
नोएडा में शुरू होने जा रही यह हाईटेक पहल अगर सफल होती है, तो आने वाले समय में इसे दूसरे शहरों में भी लागू किया जा सकता है। इससे जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित, साफ और भरोसेमंद बन सकती है।




