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Watch Video : संसद जनता की आवाज, लेकिन मुझे कई बार बोलने से रोका जाता है: राहुल गांधी

एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 11 मार्च 2026

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद की कार्यवाही और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संसद देश की जनता की आवाज है, लेकिन कई मौकों पर उन्हें अपनी बात रखने से रोका जाता है। राहुल गांधी का कहना है कि लोकतंत्र की असली ताकत खुली बहस और विचारों के आदान-प्रदान में होती है, लेकिन हाल के दिनों में विपक्ष को अपनी बात कहने का पूरा अवसर नहीं दिया जा रहा।

संसद में बोलने के अधिकार पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि संसद सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि पूरे देश की संस्था है। यहां हर सांसद अपने क्षेत्र और जनता की समस्याओं को उठाने के लिए आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वह महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल उठाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें बीच में ही रोक दिया जाता है या उनकी बात पूरी नहीं होने दी जाती।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और जनता की चिंताओं को सामने लाना है। अगर विपक्ष की आवाज को दबाया जाएगा तो लोकतंत्र कमजोर होगा। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि संसद में सभी दलों को बराबरी से बोलने का अधिकार मिलना चाहिए।

संसद की गरिमा बनाए रखने की अपील

राहुल गांधी ने कहा कि संसद की गरिमा तभी बनी रह सकती है जब वहां हर पक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने के लिए जरूरी है कि बहस और संवाद को रोका न जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि देश के करोड़ों लोग संसद की कार्यवाही पर नजर रखते हैं और चाहते हैं कि उनके प्रतिनिधि खुलकर उनकी समस्याओं को उठाएं। ऐसे में विपक्ष की आवाज को सीमित करना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।

राजनीतिक माहौल हुआ गरम

राहुल गांधी के इस बयान के बाद संसद और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल पहले भी आरोप लगाते रहे हैं कि संसद में उनकी आवाज दबाने की कोशिश होती है, जबकि सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।

अब राहुल गांधी के इस बयान ने एक बार फिर संसद में बहस और विपक्ष की भूमिका को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और देश की राजनीति में प्रमुख विषय बना रह सकता है।

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