स्वास्थ्य | ABC NATIONAL NEWS | कोझिकोड/नई दिल्ली | 12 जून 2026
केरल में एक बार फिर निपाह वायरस ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। कोझिकोड जिले के रामनट्टुकारा निवासी 43 वर्षीय व्यक्ति में निपाह संक्रमण की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर हैं। मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर किया जा रहा है।
पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) द्वारा संक्रमण की पुष्टि किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक संपर्क अनुरेखण (कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग) अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने अब तक 77 ऐसे लोगों की पहचान की है जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे। इनमें 58 स्वास्थ्यकर्मी, 14 परिवार के सदस्य तथा पांच मित्र और सहकर्मी शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उच्च जोखिम वाले संपर्कों को क्वारंटीन में रखा गया है और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी संपर्क व्यक्ति में निपाह संक्रमण के लक्षण सामने नहीं आए हैं। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और सभी संभावित मामलों की जांच की जा रही है।
निपाह वायरस को दुनिया के सबसे घातक संक्रमणों में गिना जाता है। यह मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है और संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से भी संक्रमण फैल सकता है। इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई और गंभीर मामलों में मस्तिष्क संक्रमण जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसकी मृत्यु दर भी काफी अधिक मानी जाती है।
केरल पहले भी कई बार निपाह संक्रमण का सामना कर चुका है। वर्ष 2018 में राज्य में निपाह का बड़ा प्रकोप सामने आया था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया की मजबूत व्यवस्था विकसित की थी। यही कारण है कि इस बार भी संक्रमण की पुष्टि होते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और संपर्क में आए लोगों की पहचान तथा निगरानी का काम तेजी से शुरू कर दिया गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है। जिन लोगों में तेज बुखार, सांस संबंधी समस्या या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने का इतिहास हो, उन्हें तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करना चाहिए। अस्पतालों को भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्वास्थ्य बुलेटिन पर भरोसा करें। साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के उपयोग और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी की नजरें कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती मरीज की स्थिति पर टिकी हुई हैं। यदि संपर्क में आए लोगों में संक्रमण नहीं फैलता है तो यह स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी राहत होगी। लेकिन निपाह जैसे घातक वायरस के खतरे को देखते हुए केरल में सतर्कता का स्तर बढ़ा दिया गया है और स्वास्थ्य विभाग हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।




