राष्ट्रीय | समी अहमद | ABC NATIONAL NEWS | काठमांडू | 30 अप्रैल 2026
नेपाल की राजधानी काठमांडू में ट्रैफिक और सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। नेपाल और चीन के बीच रिंग रोड विस्तार के दूसरे चरण के लिए समझौता हो गया है। इस समझौते के बाद अब शहर की एक अहम सड़क को और चौड़ा किया जाएगा, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
यह समझौता नेपाल के भौतिक अवसंरचना मंत्री सुनील लामसाल और नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग के बीच हुआ। इसके तहत काठमांडू के कलंकी से बसुंधरा तक करीब 8.2 किलोमीटर लंबी सड़क को चौड़ा किया जाएगा। यह वही रिंग रोड है जो पूरे शहर को जोड़ने में सबसे अहम भूमिका निभाती है और रोजाना हजारों वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं।
इस प्रोजेक्ट में सिर्फ सड़क चौड़ी करने का काम ही नहीं होगा, बल्कि कई नई सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। धुंगेधारा इलाके में एक मजबूत कंक्रीट पुल बनाया जाएगा। इसके अलावा पैदल चलने वालों के लिए तीन खास पुल बनाए जाएंगे, जिन्हें इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि दिव्यांग लोगों को भी आसानी हो। साथ ही पूरी सड़क पर स्ट्रीट लाइट भी लगाई जाएंगी, जिससे रात में सफर सुरक्षित और आसान हो सके।
प्रोजेक्ट के लिए चीन नेपाल को करीब 11 अरब नेपाली रुपये की मदद देगा। यह रकम ग्रांट यानी सहायता के रूप में दी जाएगी, जिसे नेपाल को वापस नहीं करना होगा। इससे पहले रिंग रोड का पहला चरण कोटेश्वर से कलंकी तक 2019 में पूरा हो चुका है, जिसे लोगों ने काफी सराहा था।
नेपाल सरकार का कहना है कि इस बार काम को और तेजी से पूरा किया जाएगा और अगर बीच में कोई दिक्कत आती है तो उसे तुरंत हल किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि देश में बेहतर कनेक्टिविटी बने और निवेश भी बढ़े। वहीं चीन ने भी संकेत दिया है कि अगर माहौल अच्छा रहा तो वह नेपाल में आगे भी ऐसे प्रोजेक्ट्स में निवेश करता रहेगा।
यह परियोजना काठमांडू के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक जाम कम होगा, सफर आसान होगा और शहर की तस्वीर भी बदलेगी।




