एंटरटेनमेंट | अमरनाथ प्रसाद | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 30 अप्रैल 2026
हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार Rajesh Khanna से जुड़ा एक पुराना रिश्ता एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उनकी लिव-इन पार्टनर रहीं Anita Advani ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के बाद खुलकर अपनी नाराजगी जताई है और कहा है कि उनके साथ “न्याय के नाम पर मजाक” हुआ है। कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें अनीता ने अपने रिश्ते को कानूनी शादी का दर्जा देने की मांग की थी।अनीता का कहना है कि वह करीब 14 साल तक राजेश खन्ना के साथ पति-पत्नी की तरह रहीं, लेकिन अदालत ने उनके रिश्ते को सिर्फ लिव-इन रिलेशनशिप मानते हुए विवाह की कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया। उनका दावा है कि दोनों के बीच एक निजी समारोह में शादी भी हुई थी, जिसमें सिंदूर और मंगलसूत्र जैसी रस्में निभाई गई थीं, लेकिन इन बातों को कानूनी तौर पर स्वीकार नहीं किया गया।
फैसले के बाद अनीता आडवाणी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर दो बालिग लोग लंबे समय तक साथ रहते हैं और पति-पत्नी की तरह जीवन बिताते हैं, तो उस रिश्ते को उसी नजर से देखा जाना चाहिए। उन्होंने घरेलू हिंसा कानून का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे रिश्तों को कुछ मामलों में पत्नी के बराबर माना जाता है, लेकिन उनके केस में उन्हें वह अधिकार और सम्मान नहीं मिला जिसकी वे उम्मीद कर रही थीं।
उन्होंने यह भी साफ किया कि वह इस लड़ाई से पीछे हटने वाली नहीं हैं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “मैं थकी नहीं हूं, मैं कभी नहीं थकूंगी।” उनके मुताबिक यह सिर्फ कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि अपनी पहचान और सम्मान के लिए संघर्ष है। अनीता ने यह भी बताया कि बीच में समझौते की बात हुई थी, लेकिन वह किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी।
अपने रिश्ते को याद करते हुए अनीता ने कहा कि वह राजेश खन्ना के साथ सिर्फ प्यार की वजह से थीं, न कि उनकी शोहरत या संपत्ति के कारण। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभिनेता के आखिरी दिनों में उन्हें उनसे मिलने नहीं दिया गया, जो उनके जीवन का सबसे पीड़ादायक अनुभव रहा।
यह केस सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद नहीं रह गया है, इसने लिव-इन रिलेशनशिप की कानूनी स्थिति पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक ओर अदालत का फैसला है, वहीं दूसरी ओर अनीता आडवाणी की वह कहानी है, जो आज भी अपने रिश्ते को पहचान दिलाने की कोशिश में जारी है।




