राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 28 जुलाई 2026
संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित हुई। यह बैठक इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि पहली बार तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर हाल ही में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए 20 सांसद भी इसमें शामिल हुए।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ मंत्री और एनडीए के सहयोगी दलों के सांसद मौजूद रहे। संसद में प्रस्तावित सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा से पहले हुई इस बैठक में सरकार की संसदीय रणनीति और विभिन्न नीतिगत मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के बाद NCPI सांसद सयोनी घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में यह एक ज्ञानवर्धक और सकारात्मक बैठक रही। उनके अनुसार बैठक में भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA), किसानों से जुड़े मुद्दों और देश की आर्थिक नीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न विषयों पर सांसदों को विस्तृत जानकारी दी।
संसदीय सूत्रों के अनुसार, आगामी दिनों में लोकसभा और राज्यसभा में सरकार जिन प्रमुख विधेयकों और नीतिगत मुद्दों को आगे बढ़ाने जा रही है, उन्हें लेकर भी सांसदों के साथ रणनीति साझा की गई।
टीएमसी छोड़कर आए सांसदों की पहली बार एनडीए संसदीय दल की बैठक में मौजूदगी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे संसद के भीतर एनडीए की रणनीति और सहयोगी दलों के बीच समन्वय को और मजबूती देने की कोशिश की गई है।
संसद के मौजूदा सत्र में सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, आर्थिक नीतियां, मुक्त व्यापार समझौते और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का विशेष फोकस रहने की संभावना है। मंगलवार की ‘मंगल मिलन’ बैठक को इन्हीं विषयों पर आगे की रणनीति तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।




