Home » National » RTI की मूल भावना बचाने को राष्ट्रीय संवाद जरूरी: अभिषेक मनु सिंघवी

RTI की मूल भावना बचाने को राष्ट्रीय संवाद जरूरी: अभिषेक मनु सिंघवी

एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 22 फरवरी 2026

Indian National Congress के AICC Law, RTI एवं HR विभाग ने कानूनी जागरूकता बढ़ाने, युवाओं को जोड़ने और पारदर्शिता के मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर संवाद शुरू करने के उद्देश्य से कई नए कार्यक्रमों की घोषणा की है। पार्टी नेताओं के अनुसार ये पहल संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ संवैधानिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों को केंद्र में रखकर तैयार की गई हैं।

विभाग के चेयरमैन Abhishek Manu Singhvi ने बताया कि INC Fellows Program तीन महीने का विशेष कार्यक्रम होगा, जिसमें कानून से जुड़े युवाओं को सांसदों, विधायकों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पार्टी की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य युवा कानूनी पेशेवरों को नीति और सार्वजनिक जीवन की मुख्यधारा से जोड़ना है।

इसके साथ ही पॉडकास्ट श्रृंखला – “न्याय, नेता और नागरिक” शुरू की जाएगी, जिसमें नए और अनुभवी वकीलों के साथ सामाजिक एवं संवैधानिक मुद्दों पर खुली चर्चा होगी। पार्टी का कहना है कि यह मंच केवल संगठन तक सीमित न रहकर व्यापक जनसंवाद को बढ़ावा देगा।

पारदर्शिता के मुद्दे पर बोलते हुए नेताओं ने कहा कि सूचना के अधिकार कानून को मजबूत बनाए रखने के लिए संरचित राष्ट्रीय संवाद की जरूरत है। इसी दिशा में पूर्व अधिकारियों, RTI कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और नीति विशेषज्ञों की भागीदारी के साथ एक राष्ट्रीय कॉन्क्लेव आयोजित करने की योजना बनाई गई है।

घोषित पहलों में रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स का गठन भी शामिल है, जिसके तहत प्रत्येक जिले में 5-7 कानूनी जानकारों की टीम बनाई जाएगी। यह टीम ज्वलंत मुद्दों पर कानूनी सहायता और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराएगी। वहीं डिजिटल डायरेक्टरी तैयार करने का प्रस्ताव है, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों के लोगों को भी कानूनी मदद तक आसान पहुंच मिल सके।

पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि जमीनी स्तर पर कानूनी जागरूकता बढ़ाने के लिए कई विशेष कार्यक्रम शुरू किए गए हैं और RTI से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने की मांग को लेकर संवाद जारी रहेगा।

5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
1 Comment
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Ashutosh Shukla
Ashutosh Shukla
2 months ago

RTI act 2005 has been destroyed ( toothless) only by our judicial system. It should be brought in its orignal form , content passed by UPA Govt headed by PM Shri Manmohan Singh in 2005.