[the_ad id="179"]
Home » National » ममता और ED आपस में भिड़े : एक ने FIR कराई, दूसरे ने खटखटाया अदालत का दरवाज़ा

ममता और ED आपस में भिड़े : एक ने FIR कराई, दूसरे ने खटखटाया अदालत का दरवाज़ा

अरिंदम बनर्जी | कोलकाता 9 जनवरी 2026

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बीच टकराव अब खुली कानूनी जंग में बदल गया है। ईडी की हालिया रेड के बाद जहां ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए एजेंसी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई, वहीं ईडी ने पलटवार करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है और केंद्र–राज्य टकराव को और तेज़ कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच के नाम पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का आंतरिक डेटा और चुनावी रणनीति हासिल करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि ईडी अब स्वतंत्र जांच एजेंसी नहीं रही, बल्कि उसे राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि विपक्षी दलों को डराया जा सके और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके। ममता बनर्जी ने इसे संविधान और संघीय ढांचे पर हमला बताया।

इन आरोपों के बाद बंगाल पुलिस ने ईडी के खिलाफ FIR दर्ज की है। राज्य सरकार का दावा है कि रेड के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन हुआ और जांच की आड़ में राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने की कोशिश की गई। इस FIR के साथ ही मामला सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि आपराधिक जांच के दायरे में भी आ गया है।

दूसरी तरफ, ईडी ने भी जवाबी कदम उठाया है। केंद्रीय एजेंसी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि बंगाल पुलिस उनके अधिकारियों के काम में बाधा डाल रही है। ईडी का कहना है कि वह पूरी तरह कानून के तहत कार्रवाई कर रही है और राज्य पुलिस की दखलअंदाज़ी से जांच प्रभावित हो रही है। एजेंसी ने अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि उसे बिना रोक-टोक अपना काम करने दिया जाए।

इस टकराव ने एक बार फिर केंद्र बनाम राज्य की बहस को तेज़ कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस इसे विपक्षी शासित राज्यों को दबाने की केंद्र की रणनीति बता रही है, जबकि भाजपा और केंद्रीय एजेंसियां इसे कानून के दायरे में की जा रही वैध कार्रवाई करार दे रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले चुनावों से पहले और उग्र रूप ले सकता है।

फिलहाल, सबकी निगाहें हाई कोर्ट की सुनवाई और FIR पर आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। यह मामला तय करेगा कि ईडी की कार्रवाई को कानूनी जांच माना जाएगा या फिर ममता बनर्जी के आरोपों के अनुसार इसे राजनीतिक टकराव का नया अध्याय कहा जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *