[the_ad id="179"]
Home » National » अग्निवीरों को बड़ी राहत, सेवा अवधि दो साल बढ़ाने का ऐलान

अग्निवीरों को बड़ी राहत, सेवा अवधि दो साल बढ़ाने का ऐलान

कैबिनेट ने 25% अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सैनिक बनाने की योजना को दी मंजूरी; शेष अग्निवीरों को मिलेगा दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर, चयन मानदंड पूरे करने वालों के लिए नियमित भर्ती का रास्ता खुला

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 4 नवंबर 2026

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निवीरों को नियमित सशस्त्र बलों में शामिल करने और उनकी सेवा अवधि से जुड़े नए प्रावधानों को मंजूरी दे दी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने नई दिल्ली में इसकी जानकारी दी।

नई व्यवस्था के तहत 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी योग्यता और मेरिट के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में समायोजित करने की योजना को मंजूरी मिली है। वहीं, शेष अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर दिया जाएगा। इसे ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ नाम दिया गया है।

पहले चार साल, अब छह साल तक सेवा का अवसर

अग्निपथ योजना के मौजूदा प्रावधानों के तहत अग्निवीरों की शुरुआती सेवा अवधि चार साल निर्धारित थी। इसमें से अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को प्रदर्शन और मेरिट के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जाना था, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को चार साल बाद सेवा से बाहर होना था।

नई व्यवस्था के तहत इन शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा कार्यकाल दिया जाएगा। इस तरह उनके पास छह साल तक सशस्त्र बलों में सेवा करने का अवसर होगा। CDS के अनुसार, इस अतिरिक्त अवधि के दौरान उन्हें पहले की तुलना में अधिक पारिश्रमिक भी मिलेगा। India News +2

छह साल बाद भी नियमित सैनिक बनने का रास्ता

सरकार के इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा करने के बाद अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का एक और अवसर मिलेगा। CDS जनरल राजा सुब्रमणि ने स्पष्ट किया कि जो अग्निवीर सेना में बने रहना चाहेंगे, उन्हें निर्धारित वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों पर खरा उतरना होगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस फैसले को ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ बताते हुए कहा कि इससे चार या छह साल की सेवा पूरी करने के बाद चयन मानदंडों पर खरे उतरने वाले इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी अग्निवीर स्वतः स्थायी सैनिक बन जाएंगे। नियमित भर्ती चयन प्रक्रिया और निर्धारित योग्यताओं के अधीन रहेगी। India News +1

पहली बैच के 18 हजार से अधिक अग्निवीरों को राहत

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुई पहली बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, लगभग 18,300 अग्निवीरों को दिसंबर 2026 तक सेवा से बाहर होना था। नई व्यवस्था से इन अग्निवीरों को भी अतिरिक्त दो साल सेवा का अवसर मिलेगा। India News +1

अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव

केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल के लिए की जाती है। योजना की शुरुआत से ही चार साल की सीमित सेवा अवधि और केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में रखने के प्रावधान पर सवाल उठते रहे हैं।

अब दो साल की अतिरिक्त सेवा और उसके बाद नियमित भर्ती के अवसर ने इस व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सरकार का कहना है कि अग्निवीरों के प्रदर्शन के आकलन और सशस्त्र बलों से मिले सकारात्मक फीडबैक के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। Akashvani News +2

सैनिकों के भविष्य पर बहस के बीच बड़ा फैसला

अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने का फैसला उन युवाओं के लिए राहत लेकर आया है, जिनका चार साल बाद सेना से बाहर होने का समय नजदीक था। इससे उन्हें सैन्य सेवा जारी रखने और नियमित सैनिक बनने की दिशा में एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

हालांकि, इस बदलाव के बाद भी सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि छह साल की सेवा के बाद कितने अग्निवीर नियमित बलों में जगह बना पाएंगे। चयन के मानदंड, उपलब्ध पदों और वास्तविक समायोजन की प्रक्रिया पर ही इस फैसले का पूरा असर निर्भर करेगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि सरकार ने अग्निवीरों के लिए चार साल बाद सेवा समाप्त होने के पुराने रास्ते में बदलाव करते हुए सेना में बने रहने का एक नया अवसर खोल दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *