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बंगाल की खाड़ी में बड़ा हादसा: MV Ocean Winner डूबा, 22 क्रू अब भी लापता

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | भुवनेश्वर | 24 अगस्त 2026

बंगाल की खाड़ी में पनामा-फ्लैग वाले बल्क कैरियर MV Ocean Winner के डूबने के बाद उसके 22 सदस्यीय चालक दल का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल ने लापता लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। कई दिनों से समुद्र में लगातार तलाशी अभियान चलाए जाने के बावजूद अब तक न तो जहाज के मलबे का पता चल पाया है और न ही लापता 22 क्रू सदस्यों के बारे में कोई ठोस जानकारी मिली है। जहाज पर कुल 24 लोग सवार थे। इनमें 20 चीनी, तीन म्यांमार और एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। हादसे के बाद दो क्रू सदस्यों को लाइफ राफ्ट से सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन बाकी 22 लोग अभी भी लापता हैं। समय बीतने के साथ उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीदें कमजोर होती जा रही हैं।

पारादीप से रवाना हुआ था जहाज, फिर टूटा संपर्क

MV Ocean Winner ने ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से 20 अगस्त को अपनी यात्रा शुरू की थी। जहाज पर बड़ी मात्रा में लौह अयस्क लदा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार जहाज चीन की ओर जा रहा था, हालांकि कुछ शिपिंग रिकॉर्ड में इसका गंतव्य सिंगापुर बताया गया है। समुद्र में आगे बढ़ने के दौरान 21 अगस्त को जहाज से संपर्क टूट गया। इसके बाद भारतीय समुद्री अधिकारियों ने तत्काल इसकी तलाश शुरू की। जहाज पारादीप तट से करीब 230 से 240 नॉटिकल मील दूर समुद्री क्षेत्र में था। संपर्क टूटने के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को अभियान में लगाया गया।

डूबने से पहले भेजा था संकट संदेश

घटना से जुड़ी शुरुआती जानकारी के मुताबिक जहाज ने संकट का संकेत भेजा था। इसके बाद उसका संपर्क और ट्रैकिंग सिस्टम से मिलने वाला सिग्नल गायब हो गया। भारतीय नौसेना ने अपने P-8I समुद्री निगरानी विमान को खोज अभियान में लगाया। हवाई निगरानी के दौरान समुद्र में लाइफ राफ्ट और तेल के निशान दिखाई दिए। इसके बाद आसपास मौजूद वाणिज्यिक जहाजों को भी बचाव अभियान में शामिल किया गया। MT Aisopos ने दो क्रू सदस्यों को अलग-अलग लाइफ राफ्ट से सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। दो लोगों के बचाए जाने से यह उम्मीद बनी कि बाकी लोग भी संभवतः किसी लाइफ राफ्ट या जीवनरक्षक साधन के सहारे समुद्र में सुरक्षित हो सकते हैं।

दो बचाए गए, लेकिन 22 की तलाश अब भी जारी

दो क्रू सदस्यों के सुरक्षित मिलने के बाद भारतीय एजेंसियों ने बाकी लोगों की तलाश और तेज कर दी। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने समुद्र के बड़े हिस्से में तलाशी अभियान चलाया है। तटरक्षक बल के कई जहाजों को अभियान में लगाया गया है, जबकि नौसेना का निगरानी विमान समुद्र के ऊपर से संभावित स्थानों की तलाश कर रहा है। आसपास से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को भी सतर्क किया गया है, ताकि समुद्र में किसी व्यक्ति, लाइफ राफ्ट या जहाज के मलबे का पता चलते ही तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। इसके बावजूद अभी तक 22 लापता लोगों के बारे में कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।

कई दिनों की तलाश के बाद भी नहीं मिला मलबा

इस हादसे की गंभीरता इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि कई दिनों से जारी तलाशी के बावजूद जहाज का मलबा तक नहीं मिल सका है। भारतीय तटरक्षक बल के मुताबिक खोज अभियान को और बड़े क्षेत्र तक फैलाया गया है। बंगाल की खाड़ी का विशाल समुद्री क्षेत्र, समुद्री धाराएं, मौसम और बदलती परिस्थितियां तलाशी अभियान को बेहद कठिन बना रही हैं। इसके अलावा हादसे के बाद लगातार बीतता समय भी बचाव दल के सामने बड़ी चुनौती है। हर गुजरते घंटे के साथ लापता लोगों के जीवित मिलने की संभावना कम होती जा रही है, लेकिन भारतीय एजेंसियों ने अभी अपना अभियान बंद नहीं किया है।

72 हजार टन से ज्यादा लौह अयस्क था लदा

MV Ocean Winner एक बड़ा बल्क कैरियर था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जहाज पर करीब 72 हजार टन लौह अयस्क लदा हुआ था। जहाज की लंबाई करीब 225 मीटर और इसकी डेडवेट क्षमता लगभग 72,928 टन बताई गई है। यह जहाज वर्ष 1998 में बनाया गया था। जहाज के डूबने की परिस्थितियों की जांच में उसके कार्गो की स्थिति भी महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि जहाज के डूबने के पीछे लौह अयस्क की भूमिका थी या कोई तकनीकी, संरचनात्मक अथवा समुद्री कारण। अधिकारियों की ओर से हादसे की अंतिम वजह अभी घोषित नहीं की गई है।

आखिर इतनी तेजी से कैसे डूबा जहाज?

हादसे की सबसे बड़ी पहेली यही है कि MV Ocean Winner आखिर इतनी तेजी से कैसे डूबा। शुरुआती समुद्री रिपोर्टों में जहाज के झुकने और उसके बाद तेजी से समुद्र में समा जाने की बात सामने आई है। लौह अयस्क जैसे भारी बल्क कार्गो के परिवहन में नमी और कार्गो के व्यवहार से जुड़े कुछ सुरक्षा जोखिम होते हैं। कुछ परिस्थितियों में कार्गो के खिसकने से जहाज का संतुलन प्रभावित हो सकता है। हालांकि, इस मामले में अभी किसी जांच एजेंसी ने यह निष्कर्ष नहीं दिया है कि जहाज कार्गो के खिसकने या किसी विशेष तकनीकी कारण से डूबा। हादसे की वास्तविक वजह जहाज के मलबे की बरामदगी और विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

अंतरराष्ट्रीय चालक दल, 22 परिवारों की बढ़ी चिंता

MV Ocean Winner पर अलग-अलग देशों के नागरिक काम कर रहे थे। 24 सदस्यीय चालक दल में 20 चीनी, तीन म्यांमार और एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। दो लोगों को बचाए जाने के बाद भी 22 लोगों की कोई जानकारी नहीं मिलने से उनके परिवारों की चिंता लगातार बढ़ रही है। उनके लिए हर गुजरता घंटा उम्मीद और चिंता के बीच बीत रहा है। भारतीय बचाव एजेंसियों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता इन 22 लोगों का पता लगाना है। इसी वजह से समुद्री और हवाई तलाशी अभियान को लगातार विस्तारित किया जा रहा है।

भारतीय एजेंसियां पूरी ताकत से जुटीं

केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी घटना पर चिंता जताई है। भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और समुद्र में मौजूद वाणिज्यिक जहाजों के बीच समन्वय के जरिए तलाश जारी है। अभियान का उद्देश्य केवल लापता लोगों का पता लगाना नहीं, बल्कि जहाज के मलबे को ढूंढना भी है, क्योंकि मलबे की बरामदगी से हादसे की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।

हर गुजरते घंटे के साथ बढ़ रही चुनौती

MV Ocean Winner हादसा बंगाल की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा और आपातकालीन बचाव व्यवस्था की गंभीर चुनौती को सामने लाता है। फिलहाल हादसे की वजह स्पष्ट नहीं है और जांच की पूरी तस्वीर जहाज के मलबे के मिलने के बाद ही सामने आ सकेगी। लेकिन इस समय सबसे अहम सवाल जांच नहीं, बल्कि उन 22 लोगों की तलाश है जिनका कई दिनों से कोई पता नहीं है। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल समुद्र के बड़े क्षेत्र में लगातार खोज अभियान चला रहे हैं। 22 परिवारों की उम्मीद अब इसी अभियान पर टिकी है कि समुद्र से कोई ऐसा सुराग मिले, जो उनके अपनों तक पहुंचने का रास्ता खोल सके।

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