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सेक्स में लुब्रिकेशन: आनंद ही नहीं, सेहत और सुरक्षा का भी अनिवार्य आधार

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हेल्थ डेस्क 16 नवंबर 2025

मानव शरीर और यौन संबंधों को लेकर हमारी समझ जितनी गहरी होती है, यौन स्वास्थ्य उतना ही सहज, सुरक्षित और संतुलित बनता है। लेकिन भारतीय समाज में सेक्स के दौरान लुब्रिकेशन यानी चिकनाहट की भूमिका पर बात करना अभी भी एक तरह की झिझक से भरा हुआ विषय है। जबकि वास्तविकता यह है कि लुब्रिकेशन किसी भी आरामदायक, दर्द-रहित और सुरक्षित यौन संबंध की एक मूलभूत आवश्यकता है। यह केवल उन लोगों के लिए नहीं है जिन्हें किसी कारण से लुब्रिकेशन कम मिलता है—बल्कि उन तमाम कपल्स के लिए भी जरूरी है जो सेक्स को एक बेहतर अनुभव बनाना चाहते हैं। अक्सर लोग यह मानते हैं कि “प्राकृतिक लुब्रिकेशन” ही काफी है, लेकिन तनाव, थकावट, हार्मोनल बदलाव, दवाओं का प्रभाव, उम्र या भावनात्मक स्थिति जैसे अनेक कारण शरीर की प्राकृतिक चिकनाहट को प्रभावित कर देते हैं। ऐसे में घर्षण बढ़ने से असहजता, जलन और दर्द पैदा होता है, जो आगे चलकर सूक्ष्म कट (micro-tears) का कारण बन सकता है। यही कट संक्रमण का बड़ा माध्यम बनते हैं। इसलिए लुब्रिकेशन को समझना, स्वीकारना और सही ढंग से उपयोग करना एक परिपक्व यौन जीवन का संकेत है।

लुब्रिकेंट का उपयोग सेक्स के अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है। एक अच्छा लुब्रिकेंट घर्षण को कम करता है, जिससे शरीर पूरी तरह रिलैक्स हो पाता है और मन में आनंद लेने की क्षमता बढ़ जाती है। बहुत से कपल्स जिन्हें सेक्स के दौरान दर्द, कसाव, जलन या खिंचाव महसूस होता है, वे अक्सर यह नहीं समझ पाते कि इसका सबसे सरल समाधान उचित लुब्रिकेशन है। सेक्स में आराम मिलने से आत्मविश्वास बढ़ता है, पार्टनर के साथ भावनात्मक संबंध और बेहतर होता है, और रिश्ते में घनिष्ठता की गुणवत्ता भी सुधरती है। इतना ही नहीं, लुब्रिकेंट कंडोम के अनुभव को भी बेहतर बनाता है और कई बार कंडोम के फटने की संभावना को कम करके सुरक्षित सेक्स का हिस्सा बन जाता है। यह सिर्फ आनंद से जुड़ा विषय नहीं—बल्कि शारीरिक-सुरक्षा और मनोवैज्ञानिक संतुलन से जुड़ा पहलू भी है।

अब सवाल यह आता है कि कौन-सा लुब्रिकेंट सुरक्षित है? बाजार में आज तीन प्रमुख श्रेणियों के लुब्रिकेंट उपलब्ध हैं—वॉटर-बेस्ड, सिलिकॉन-बेस्ड, और ऑयल-बेस्ड। वॉटर-बेस्ड लुब्रिकेंट सबसे सुरक्षित माने जाते हैं क्योंकि ये कंडोम के साथ पूरी तरह अनुकूल होते हैं, शरीर द्वारा आसानी से स्वीकार किए जाते हैं, और इन्हें साफ करना भी सरल होता है। शुरुआती उपयोगकर्ताओं से लेकर नियमित इस्तेमाल करने वालों तक, हर किसी के लिए पानी-आधारित लुब्रिकेंट एक भरोसेमंद विकल्प है। दूसरी ओर सिलिकॉन-बेस्ड लुब्रिकेंट लंबे समय तक टिकने वाले और बेहद स्मूद होते हैं, लेकिन इन्हें सिलिकॉन सेक्स-टॉयज़ के साथ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और साफ करना भी थोड़ा कठिन होता है। सबसे कम सुरक्षित विकल्प होता है ऑयल-बेस्ड लुब्रिकेंट—जैसे नारियल तेल, बेबी ऑयल या वैसलीन—क्योंकि ये कंडोम को नुकसान पहुंचाते हैं, बैक्टीरियल संक्रमण बढ़ाते हैं और योनि या रेक्टल स्वास्थ्य पर उलटा प्रभाव डाल सकते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में हर्बल या ऑर्गेनिक लुब्रिकेंट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। इनमें ऐलोवेरा, विटामिन-E, गुलाब, तुलसी या अन्य प्राकृतिक तत्वों का प्रयोग होता है। यह विकल्प संवेदनशील त्वचा वालों के लिए अच्छा होता है क्योंकि इनमें केमिकल और कृत्रिम सुगंध कम होती है। इनके एंटी-इंफ्लेमेटरी और त्वचा को शांत रखने वाले गुण सेक्स के दौरान आराम बढ़ाते हैं। हालांकि “हर्बल” शब्द देखकर यह मान लेना कि यह पूरी तरह सुरक्षित है—यह भी सही नहीं। प्रत्येक व्यक्ति की त्वचा की संवेदनशीलता अलग होती है। पौधों के तत्वों से एलर्जी भी हो सकती है, इसलिए किसी भी नए लुब्रिकेंट को पहले हाथ पर लगाकर परीक्षण करना जरूरी होता है।

विश्वसनीय ब्रांड चुनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। भारतीय बाजार में Durex Play, Kama Sutra lubes, Skore, Sirona (Aloe-based), Pjur, और Good Clean Love जैसे विकल्प व्यापक रूप से उपलब्ध हैं और इन्हें सुरक्षित माना जाता है। चयन का सिद्धांत सरल है—कम केमिकल, बिना तेज सुगंध, कंडोम-फ्रेंडली और त्वचा को सूट करने वाला फॉर्मूला। साथ ही, कंडोम के साथ तेल आधारित किसी भी पदार्थ का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह गर्भनिरोधक और STI सुरक्षा दोनों को जोखिम में डाल देता है।

 लुब्रिकेशन सेक्स में कोई “विलासिता” की चीज़ नहीं है—यह स्वास्थ्य, सुरक्षा और एक स्वस्थ रिश्ते की बुनियाद है। दर्द और असहजता से भरे अनुभव न केवल शरीर को नुकसान पहुँचाते हैं बल्कि यौन जीवन की गुणवत्ता और मनोवैज्ञानिक संतुलन दोनों को प्रभावित करते हैं। एक परिपक्व समाज के तौर पर यह जरूरी है कि हम सेक्स से जुड़ी बातों को शर्म या संकोच से न जोड़ें, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य शिक्षा का हिस्सा समझें। लुब्रिकेशन केवल आनंद बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि शरीर को सुरक्षित रखने, मन को सहज करने और रिश्ते को मजबूत बनाने का साधन है। जब हम इसे सही जानकारी और समझदारी के साथ अपनाते हैं, तभी यौन संबंध न केवल संतोषजनक बल्कि स्वस्थ भी बनते हैं।

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