राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 30 जून 2026
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन (Privilege Motion) का नोटिस दिया है।
वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर पिछले वर्ष हुई चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री ने सदन को यह जानकारी दी थी कि इस अभियान में किसी भी भारतीय सैनिक की मौत नहीं हुई। कांग्रेस का दावा है कि बाद में सामने आई जानकारी इस बयान से मेल नहीं खाती, इसलिए रक्षा मंत्री ने संसद में झूठ बोल कर गुमराह किया।
कांग्रेस सांसद ने लोकसभा के नियम 223 के तहत रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि संसद में मंत्रियों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह सही और तथ्यात्मक होनी चाहिए। यदि सदन को गलत जानकारी दी गई है, तो यह संसद के विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच पहले से ही तीखी राजनीतिक बहस चल रही है। विपक्ष लगातार अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सफल सैन्य अभियान बताती रही है।
अब इस मामले में निगाहें लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर हैं। यदि विशेषाधिकार नोटिस स्वीकार किया जाता है, तो मामले की आगे जांच और संसदीय प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
सरकार की ओर से इस नए आरोप पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना होगा कि रक्षा मंत्रालय या केंद्र सरकार कांग्रेस के आरोपों का क्या जवाब देती है।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर शुरू हुआ यह नया विवाद आने वाले दिनों में संसद और देश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।




