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खड़गे —आजादी की लड़ाई में कांग्रेस ने दिया बलिदान, हमें देशभक्ति का पाठ न पढ़ाए RSS और BJP

हल्द्वानी में 2027 उत्तराखंड विधानसभा चुनाव का बिगुल; कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 84वीं वर्षगांठ के मौके पर BJP-RSS पर साधा निशाना

राष्ट्रीय/उत्तराखंड | ABC NATIONAL NEWS | 8 अगस्त 2026

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को हल्द्वानी में आयोजित एक रैली के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। 2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आयोजित रैली में खड़गे ने आजादी की लड़ाई में कांग्रेस की भूमिका का उल्लेख करते हुए BJP और RSS पर कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने का आरोप लगाया।

‘आजादी की लड़ाई में कांग्रेस ने दिया बलिदान’

खड़गे ने 8 अगस्त 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के ‘करो या मरो’ के आह्वान ने देशवासियों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ एकजुट किया था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में कांग्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका रही और इसी संघर्ष ने अंततः अंग्रेजों को भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने इसी ऐतिहासिक संदर्भ को आधार बनाकर RSS पर सवाल उठाया और कहा कि BJP तथा उसका वैचारिक संगठन कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की कोशिश करते हैं, जबकि स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं।

‘हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं’

खड़गे ने अपने भाषण में BJP और RSS पर कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और उसके नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिया।

उनका हमला ऐसे समय हुआ है जब देश में राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और राजनीतिक संगठनों की ऐतिहासिक भूमिका को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच वैचारिक टकराव लगातार जारी है।

धर्म के नाम पर BJP-RSS पर लगाया आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने BJP और RSS पर धार्मिक भावनाओं के नाम पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने मंदिरों में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं का संदर्भ देते हुए BJP और RSS पर ‘धर्म के नाम पर लूट’ का आरोप लगाया।

हालांकि, इस तरह के आरोपों को राजनीतिक आरोप के तौर पर देखा जाना चाहिए और जिन कथित अनियमितताओं का उन्होंने उल्लेख किया, उनके संबंध में ठोस जांच या न्यायिक निष्कर्ष को अलग से देखना जरूरी है।

मंदिरों के प्रबंधन पर भी उठाया सवाल

खड़गे ने धार्मिक संस्थानों के प्रशासन और सरकारी नियंत्रण के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार मस्जिदों और चर्चों के प्रशासन को उसी तरह नियंत्रित नहीं करती, तो मंदिरों के प्रबंधन पर सरकारी नियंत्रण क्यों होना चाहिए।

यह मुद्दा लंबे समय से धार्मिक संस्थानों के प्रशासन, दान और संपत्ति के प्रबंधन को लेकर राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है।

उत्तराखंड चुनाव के लिए कांग्रेस ने तेज की तैयारी

हल्द्वानी की रैली को 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस राज्य में BJP सरकार को घेरने के लिए शासन, रोजगार, महंगाई, विकास और सामाजिक मुद्दों को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।

खड़गे का भाषण इसी व्यापक चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है, जिसमें कांग्रेस अपनी स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को BJP के राष्ट्रवाद के राजनीतिक विमर्श के सामने रखने की कोशिश कर रही है।

आजादी की विरासत पर फिर आमने-सामने BJP-कांग्रेस

भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर खड़गे का RSS और BJP पर हमला इस बात का संकेत है कि आने वाले चुनावों में इतिहास और राष्ट्रवाद भी राजनीतिक विमर्श के महत्वपूर्ण मुद्दे बने रहेंगे।

हालांकि, इस बहस को केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रखने के बजाय स्वतंत्रता आंदोलन में विभिन्न संगठनों और नेताओं की वास्तविक ऐतिहासिक भूमिका, उनके दस्तावेजी रिकॉर्ड और उस दौर की परिस्थितियों के आधार पर देखना अधिक उपयोगी होगा।

हल्द्वानी की रैली से खड़गे ने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस 2027 के उत्तराखंड चुनाव में BJP के खिलाफ केवल स्थानीय मुद्दों पर नहीं, बल्कि वैचारिक और ऐतिहासिक मुद्दों पर भी सीधा मुकाबला करने की तैयारी में है।

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