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AIADMK विधायकों की ‘शॉपिंग’ कर रहे हैं विजय? स्टालिन का बड़ा आरोप, BJP जैसी राजनीति का दावा

राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई | 14 जून 2026

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मुख्यमंत्री एवं तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह AIADMK विधायकों की “शॉपिंग” कर रहे हैं। स्टालिन ने दावा किया कि विजय की राजनीतिक रणनीति भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उस शैली से मिलती-जुलती है जिसमें दूसरे दलों के विधायकों को अपने पक्ष में लाकर सत्ता को मजबूत किया जाता है।

चेन्नई में डीएमके महिला विंग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि पहले विजय ने अपनी सरकार बचाने के लिए AIADMK विधायकों से समर्थन में मतदान कराया और अब उन्हीं विधायकों से इस्तीफा दिलवाकर उन्हें अपनी पार्टी TVK में शामिल कराया जा रहा है। स्टालिन ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर मुख्यमंत्री को अपनी सरकार और अपने सहयोगी दलों पर कितना भरोसा है।

डीएमके प्रमुख ने आरोप लगाया कि विजय का राजनीतिक व्यवहार भाजपा की कार्यशैली की “फोटोकॉपी” जैसा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने विजय सरकार को समर्थन दिया था, आज वे स्वयं असहज स्थिति में पहुंच गए हैं। स्टालिन ने दावा किया कि लोकतांत्रिक राजनीति में जनादेश का सम्मान होना चाहिए और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को इस तरह दल बदलने के लिए प्रेरित करना स्वस्थ परंपरा नहीं माना जा सकता।

स्टालिन ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक ताकतों को यह सवाल पूछना चाहिए कि जिन विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा देकर TVK का दामन थामा है, उन्हें बदले में क्या मिला है। उन्होंने संकेत दिया कि इस पूरे घटनाक्रम की राजनीतिक और नैतिक जांच होनी चाहिए। डीएमके का आरोप है कि यह केवल दल-बदल नहीं बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नए प्रकार की सत्ता-समीकरण की राजनीति का संकेत है।

विजय और उनकी पार्टी TVK की ओर से फिलहाल स्टालिन के आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि TVK समर्थकों का कहना है कि पार्टी में शामिल होने वाले नेता और विधायक स्वेच्छा से आ रहे हैं और यह विजय के नेतृत्व में जनता तथा जनप्रतिनिधियों के बढ़ते विश्वास का परिणाम है।

तमिलनाडु की राजनीति में हाल के दिनों में कई बड़े नेताओं और पूर्व विधायकों के TVK में शामिल होने से राजनीतिक हलचल तेज हुई है। भाजपा की वरिष्ठ नेता विजयधारणी और AIADMK के पूर्व मंत्री के.टी. पचैमल सहित कई प्रमुख चेहरों का TVK से जुड़ना पहले ही विपक्षी दलों के लिए चिंता का विषय बन चुका है। ऐसे में स्टालिन का यह हमला संकेत देता है कि आगामी चुनावी मुकाबले को देखते हुए राज्य की राजनीति और अधिक आक्रामक होने वाली है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और अन्य दलों के नेताओं का TVK की ओर रुख तमिलनाडु के पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है। वहीं डीएमके इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और जनादेश के खिलाफ बताते हुए जनता के बीच बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में दिखाई दे रही है।

फिलहाल AIADMK विधायकों के TVK में शामिल होने का मामला तमिलनाडु की राजनीति का सबसे चर्चित विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है।

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