अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | तेहरान/वॉशिंगटन | 18 जुलाई 2026
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है। दोनों देशों के बीच हमले और जवाबी हमलों का सिलसिला अब क्षेत्र के कई देशों तक फैल गया है। शनिवार को ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और अमेरिका की ओर से भी इन सभी दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, कुवैत में सेना ने अल-अदिरी कैंप, अली अल-सलेम एयर बेस के मुख्यालय, गोला-बारूद भंडार और कई संचार पुलों पर हमले किए। वहीं जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस स्थित ईंधन भंडार को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया। इसके अलावा ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि बहरीन के शेख ईसा एयर बेस, जहां अमेरिकी सैन्य विमान तैनात रहते हैं, वहां भी ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया। ईरानी मीडिया ने यह भी दावा किया कि बहरीन के एक संचार केंद्र और कुवैत के अल-अहमदी बंदरगाह पर मौजूद अमेरिकी नौसैनिक ईंधन सहायता केंद्र को भी निशाना बनाया गया।
इन दावों के बीच कुवैत की सेना ने स्वीकार किया कि देश में वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय की गई और कुछ संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को रोकने की कार्रवाई के कारण विस्फोट जैसी आवाजें सुनाई दीं। वहीं बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी हवाई हमले की चेतावनी के सायरन बजने की पुष्टि की। बहरीन में अमेरिकी नौसेना का एक प्रमुख अड्डा मौजूद है, इसलिए वहां सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने भी ईरान के खिलाफ अपना अभियान जारी रखा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिकी सेना के अनुसार, इन हमलों में निगरानी केंद्रों, सैन्य लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।
ईरान ने अमेरिकी हमलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, दक्षिणी प्रांत होरमोज़गान में अमेरिकी हवाई हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हुए हैं। एजेंसी ने यह भी बताया कि मध्य ईरान के यज़्द शहर समेत दक्षिणी क्षेत्रों के कई हिस्सों में जोरदार विस्फोट हुए। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सेना नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बना रही है, जिनमें हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और पुल शामिल हैं। हालांकि अमेरिका ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है।
इसी बीच ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी बड़ा दावा किया। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के निर्देश पर चल रहे दो तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराकर विस्फोट का शिकार हो गए। साथ ही चार जहाजों को रोकने का भी दावा किया गया। हालांकि अमेरिकी सेना ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
तनाव के बीच ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मेजर जनरल मोहसिन रज़ाई ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने अगले कुछ दिनों तक हमले जारी रखे तो ईरान “पूर्ण पैमाने पर आक्रामक सैन्य अभियान” शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि अब ईरान केवल “जैसे को तैसा” जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा और कोई भी राजनीतिक सीमा सुरक्षित नहीं मानी जाएगी।
लगातार बढ़ते इस सैन्य टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया में चिंता बढ़ा दी है। कुवैत, बहरीन और जॉर्डन जैसे देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील कर रहा है। फिलहाल क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और आगे की घटनाओं पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।




