Home » National » ‘असत्य और हिंसा मोदी सरकार के मूल सिद्धांत’, सोनम वांगचुक को हटाने पर राहुल और खड़गे का बड़ा हमला

‘असत्य और हिंसा मोदी सरकार के मूल सिद्धांत’, सोनम वांगचुक को हटाने पर राहुल और खड़गे का बड़ा हमला

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 18 जुलाई 2026

जंतर-मंतर पर 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए सरकार पर शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का आरोप लगाया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “मोदी सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। अहिंसक भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से हटाया जाना गलत है। पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्याएं भारत के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दे हैं। कोई भी ताकत भारत के छात्रों और उनके साथ खड़े लोगों को इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार विरोध की हर आवाज़ को कुचलना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रो. जी.डी. अग्रवाल, महिला पहलवानों, आंदोलनरत किसानों, दलितों, आदिवासियों और पेपर लीक से प्रभावित छात्रों तक किसी को नहीं बख्शा गया। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार की नजर में आवाज़ उठाने वाला हर व्यक्ति “एंटी-नेशनल” या “परजीवी” है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई लोकतंत्र और संविधान पर एक और “काला धब्बा” है और छात्रों का आंदोलन अब देशभर में फैल रहा है।

कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना चाहिए था, लेकिन उसने आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक को ही प्रदर्शन स्थल से हटा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने संवेदनशीलता और संवाद का रास्ता अपनाने के बजाय बढ़ते जनदबाव के बीच शांतिपूर्ण आंदोलन को तोड़ने की कोशिश की। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष अपना विरोध जारी रखेगा तथा संसद के मानसून सत्र से पहले धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से हटाने की मांग दोहराई।

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि महात्मा गांधी के “सत्य और अहिंसा” से लेकर आज की “असत्य और हिंसा” की राजनीति तक का सफर देश ने पिछले 12 वर्षों में देखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को भीतर से कमजोर किया है। खेड़ा ने कहा कि भारत का भविष्य सत्य, अहिंसा, करुणा और न्याय जैसे मूल्यों में है और देश का युवा इन्हीं आदर्शों के साथ आगे बढ़ेगा।

शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए की गई। पुलिस ने कहा कि कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की, लेकिन पूरी प्रक्रिया संयम और सुरक्षा के साथ पूरी की गई।

सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. चारू बंबा के अनुसार, लंबे उपवास के कारण वांगचुक को कमजोरी और हल्का डिहाइड्रेशन है। हालांकि उनके सभी वाइटल पैरामीटर स्थिर हैं और उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। जेएनयू की शोधार्थी नेहा बोरा सहित अन्य छात्र भी अपना अनशन जारी रखे हुए हैं। प्रदर्शनकारी नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने दोहराया है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य केवल सोनम वांगचुक को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted